राजीचौराहा (बहराइच)। मिड-डे मील योजना का उद्देश्य था दोपहर में स्कूल आने वाले बच्चों को गरम खाना देना है ताकि इसी बहाने वे अपनी उपस्थिति दर्ज करा पढ़ाई करें। लेकिन प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में तो तसवीर एकदम उलट है।
यहां दो माह से मिड-डे-मील नहीं बन रहा है। इससे स्कूल के 150 छात्र-छात्राएं भूखे घर वापस लौटने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रतिदिन भोजनावकाश के समय स्कूल परिसर में लगने वाली दुकानों से चाट, दालमोठ, टॉफी और बिस्कुट खरीदकर नन्हें-मुन्हें अपना पेट भर रहे हैं।
महसी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत भगवानपुर के प्राथमिक विद्यालय में दो माह से मिड-डे-मील नहीं बन रहा है। चूल्हा ठंडा पड़ा है औरछात्र-छात्राओं को दोपहर में खाना नहीं मिल पा रहा है। स्कूल में 150 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। प्रतिदिन औसतन 100-125 विद्यार्थी स्कूल आते हैं लेकिन भूखे रहकर पढ़ाई करने को सभी मजबूर हैं। कारण विद्यालय का चूल्हा खाद्यान्न के अभाव में ठंडा है। भोजन न बनने के कारण कुछ छात्र-छात्राएं घर से पैसे लेकर आते हैं। यह बच्चे विद्यालय के निकट प्रतिदिन लगने वाली चाट व अन्य दुकानों पर चाट, बिस्कुट, टॉफी और नमकीन खरीदकर पेट भरते हैं।
खुला खाना खाने से बच्चों के बीमार पड़ने की भी आशंका है। बच्चों के अभिभावक भी व्यवस्था से आक्रोशित हैं। लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर चुप बैठे हैं। पांच छात्र जरूर बेबाकी से व्यवस्था के खिलाफ बोल रहे हैं। इस बारे में प्रधानाध्यापक वीरेंद्र पांडेय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खाद्यान्न का उठान न होने के कारण भोजन नहीं बन पा रहा है।
फोटू न खींचेव बप्पा मरिहैं...
प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर के कक्षा चार के छात्र देशराज, सदानंद स्कूल के निकट स्थित दुकान पर मंगलवार दोपहर में बिस्किट खरीद रहे थे। जैसे ही छायाकार ने कैमरा निकाला दोनों बच्चों ने बिस्कुट दुकान पर छोड़ दिया और बोले...फोटू न खींचेव बप्पा मरिहैं। कक्षा पांच की छात्रा लक्ष्मी, कक्षा तीन के छात्र कृष्णकुमार तथा ओमप्रकाश ने बताया कि दोपहर में भूख लग जाती है। विद्यालय में खाना नहीं मिल रहा है। इसीलिए चाट, टॉफी बिस्किट से ही पेट भरना पड़ता है।
पत्र लिखा है एक सप्ताह में होगी व्यवस्था
खंड शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह का कहना है कि खाद्यान्न न होने के चलते व्यवस्था प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अपरजिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। एक सप्ताह के अंदर मिड-डे-मील की व्यवस्था पूर्ववत करा दी जाएगी।