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गांव अस्तित्व समाप्त

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प्रधानपुरवा गांव का वजूद खत्म
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घाघरा में समा गए सभी 48 मकान
कायमपुर व गोलागंज गांव में भी कटान तेज
25 बीघा खेत लील गई नदी

फोटो है।
महसी/उर्रा। महसी तहसील अंतर्गत प्रधानपुरवा गांव का अस्तित्व नदी में समाप्त हो गया। सभी 48 मकानों को घाघरा ने समाहित कर लिया है। कायमपुर व गोलागंज गांव में नदी ने कटान करते हुए चार ग्रामीणों के 25 बीघा खेत को लील लिया है। मिहींपुरवा के सोमई गौढ़ी गांव में भी कटान से छह मकान नदी में कट गए। उप जिलाधिकारी व विधायक ने क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों को आवास देने के निर्देश दिए।
नेपाल में हो रही भारी बरसात के कारण घाघरा नदी उफान पर चल रही है। कई दिनों से जलस्तर घटने के बाद मंगलवार को नेपाल के बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण घाघरा में लगभग डेढ़ फीट पानी फिर से बढ़ गया है। नदी ने कटान भी तेज कर दी है। बीते साल आई बाढ़ के दौरान महसी तहसील के प्रधानपुरवा गांव में 18 मकान कट गए थे। गांव में 48 मकान थे। इस बार कटान ने गांव के 30 और घरों को लील लिया। दो दिनों से चल रही कटान के बाद सोमवार को प्रधानपुरवा गांव का अस्तित्व पूरी तरीके से समाप्त हो गया। गोलागंज में भी नदी कटान कर रही है।
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कायमपुर गांव में भी नदी की कटान तेज है। कटान के कारण सुरेश, महेश, रामदयाल समेत अन्य ग्रामीणों के लगभग 25 बीघा खेत नदी में समाहित हो गए। उधर,मोतीपुर तहसील के ग्राम सोमईगौढ़ी में घाघरा नदी ने कटान तेज कर दी है। मंगलवार को गांव निवासी हरिकिशुन, पैकरमा, सालिकराम, रामखेलावन तेलिहार, परशुराम, रामखेलावन भारती के मकान नदी में समाहित हो गए। बलहा विधायक अक्षयवरलाल गोंड ने उप जिलाधिकारी कीर्तिप्रकाश भारती के साथ निरीक्षण किया। विधायक ने बताया कि कटान तेज हुई है। एसडीएम से मिलकर पीड़ितों की सूची बनाकर सभी को आवास दिलाया जाएगा।
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वर्जन...
नदी की कटान से प्रधानपुरवा गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार बचाव कार्य किए जा रहे हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद को समाजसेवियों से भी सहयोग लिया जा रहा है।
-राजेश श्रीवास्तव, एसडीएम महसी
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