महसी/राजीचौराहा। घाघरा नदी में रविवार दोपहर बाद ग्रामीणों से भरी नाव डूबने की अफवाह फैल गई। आनन-फानन में तहसीलदार व एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। मोटरबोट से नदी को खंगाला गया। बाद में पूरा मामला फर्जी निकला। इस पर सभी ने राहत की सांस ली।
महसी क्षेत्र बाढ़ की विभीषिका से गुजर रहा है। लोग नावों से ही आवागमन करते हैं। रविवार दोपहर बाद जरमापुर गांव के निकट नाव डूबने की सूचना अज्ञात लोगों से तहसीलदार राजेश मिश्र को मिली। इस पर वह एनडीआरएफ की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव के लोग भी एकत्रित हो गए। मोटरबोट से नदी को 10 किलोमीटर परिक्षेत्र में खंगाला गया। नदी के उस पार बसे गांव के लोगों से भी संपर्क साधा गया। तहसीलदार ने बताया कि पूरा मामला फर्जी निकला। कोई हादसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कुछ चरवाहों ने नदी के बहाव में लकड़ी के बोटे तैरते देखे थे। उसी के बाद अफवाह फैलाई थी।