तेंदुए के हमले में दो बच्चों समेत तीन जख्मी
एक बकरी को बनाया निवाला, मोतीपुर रेंज से सटे गांवों में हुईं घटनाएं
गंभीर हालत में सभी सीएचसी में भर्ती, नहीं पहुंचे वनकर्मी, आक्रोश
फोटो 19, 20 में है।
उर्रा (बहराइच)। मोतीपुर रेंज में स्थित जंगल से सटे गांवों में शुक्रवार रात तेंदुओं ने जमकर उत्पात मचाया। अलग-अलग गांवों में तेंदुओं ने हमला कर सो रहे बालक व बालिका समेत तीन लोगों को जख्मी कर दिया। वहीं एक बकरी को निवाला बना लिया। ग्रामीणों के दौड़ने पर बच्चों व ग्रामीण की जान बच सकी। इस मामले में रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई। लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं हमले में घायल हुए लोगों को सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज अंतर्गत झाला गांव निवासी मौलीलाल अपने पुत्र मुकेश (8) के साथ घर के द्वार पर बरामदे में शुक्रवार रात सो रहे थे। शनिवार भोर में 3:30 बजे के आसपास जंगल से निकलकर एक तेंदुआ बरामदे में आ धमका। उसने सो रहे मुकेश पर हमला कर उसे निवाला बनाने की कोशिश की। मुकेश के चीखने पर पिता की नींद खुली तो तेंदुआ को सामने देख वह सकते में आ गए। शोर सुनकर परिवारीजन व गांव के लोग दौड़े। इस पर तेंदुआ चला गया। लेकिन हमले में उसके हाथ और पैर में गंभीर जख्म हुए हैं। उधर इसी गांव निवासी कैलाश के घर में रात में तेंदुआ दीवार फांदकर घुस गया। उसने घर में सो रही बेटी धर्मी (10) को निवाला बनाने की कोशिश की। बालिका के चीखने पर परिवार के लोग जगे, तेंदुए का सामना किया तो वह मौके से खिसक गया। लेकिन कुछ देर बाद पुन: तेंदुआ आ धमका और उसने बकरी को निवाला बना लिया। उधर इसी रेंज के पृथ्वीपुरवा गांव निवासी रामू बहेलिया (28) खेत में मचान बनाकर फसल की रखवाली करता है। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार रात वह खेत की रखवाली के लिए सोने गया। तेंदुआ ने मचान पर चढ़कर हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े। लेकिन इस दौरान तेंदुए ने रामू के हाथ और पीठ में गहरे जख्म कर दिए। किसी तरह जान बच सकी। तीनों घटनाओं के मामले में सुबह रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई। लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। परिवारीजनों ने स्वयं सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया है।
नहीं थी जानकारी, भेज रहे टीम
कतर्नियाघाट र्सेंक्चुरी के डीएफओ जीपी सिंह का कहना है कि उन्हें तेंदुओं के हमले की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है, टीम को प्रभावित गांवों में भेजा जा रहा है। वनकर्मी गश्त कर ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया कराएंगे।