नानपारा (बहराइच)। नानपारा नगर पालिका परिषद वर्ष 1972 में उप नगर पालिका के रूप में अस्तित्व में आई थी। लेकिन 12 वर्ष बाद नानपारा को नगर पालिका परिषद के रूप में पूरी तरह पहचान मिली। 1988 से चेयरमैन पद के चुनाव की शुरुआत हुई। तब से अब तक 06 चक्र में नानपारा नगर पालिका परिषद में चेयरमैन व सभासद चुने गए। सातवें चक्र में पुन: चुनाव की दुंदुभी बजी है। प्रत्याशी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।
नानपारा नगर पालिका परिषद के इतिहास पर नजर डालें तो अस्तित्व काल से अब तक नगर पालिका नानपारा का दौर उतार चढ़ाव वाला रहा है। जानकार बताते हैं कि वर्ष 1972 में नानपारा को उप नगर पालिका परिषद (नोटीफाइड एरिया) का दर्जा मिला। लेकिन नोटीफाइड एरिया की कमान प्रशासक के हाथों में थी। सिर्फ सभासदों का चुनाव होता था। वर्ष 1984 में नानपारा पूरी तरह नगर पालिका परिषद के रूप में अस्तित्व में आई। लेकिन नगर पालिका के अस्तित्व में आने के बावजूद पहला विधिवत चुनाव वर्ष 1988 में हुआ। इसके पूर्व 17 साल तक प्रशासक की निगरानी में नानपारा नगर क्षेत्र का विकास होता रहा। वर्ष 1988 से शुरू हुआ चुनाव का दौर निरंतर जारी है। छह चक्रों में चुनाव हो चुके हैं। वर्ष 2017 में सातवें चक्र के लिए वोट डाले जाएंगे। उतार-चढ़ाव के दौर से गुजरी नानपारा नगर पालिका परिषद में चेयरमैन की कुर्सी पर इस बार कौन काबिज होगा। यह तो समय बताएगा। लेकिन कई कद्दावर लोग दौड़ में शामिल हैं।
कब-कब हुए चुनाव, कौन बना चेयरमैन
वर्ष 1972 में नोटीफाइड ऐरिया का दर्जा मिला।
वर्ष 1984 में नगर पालिका परिषद अस्तित्व में आई।
वर्ष 1988- हाजी गफ्फूर बख्श चुनाव जीतेत
वर्ष 1990- हाजी गफ्फूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, चेयरमैन पद से हटे।
वर्ष 1991- कमल नयन अग्रवाल कार्यवाहक चेयरमैन बने
वर्ष 1992- अगस्त माह में न्यायालय के आदेश से कार्यवाहक चेयरमैन हटे, प्रशासक ने सम्हाली कुर्सी
वर्ष 1992- 21 दिसंबर को पुन: कमल नयन अग्रवाल कार्य वाहक अध्यक्ष बने
वर्ष 1993- फरवरी माह में प्रशासक जीपी श्रीवास्तव ने कुर्सी संभाली
वर्ष 1995- नसीबुन्निशां उर्फ मलूकन चेयरमैन बनीं
वर्ष 2000- नसीबुन्निशां पुन: चेयरमैन बनीं
वर्ष 2005- एक दिसंबर को जिलाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने प्रशासक के रूप में कुर्सी संभाली
वर्ष 2006- फहमीदा बानो चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज हुईं।
वर्ष 2012- चार जनवरी को प्रशासक के हाथ में नपाप की कमान
वर्ष 2012- 17 जुलाई को अब्दुल वहीद चेयरमैन बने।
वर्ष 1995 में 10 वार्ड बढ़े
वर्ष 1988 में चुनाव की शुरूआत हुई। तब 15 सदस्य और एक चेयरमैन होता था। वर्ष 1995 में 10 वार्ड बढ़ाए गए। जिसके चलते वार्डों की संख्या 2 5 पहुंच गई। तब से अब तक 25 वार्डो में चुनाव हो रहे हैं।
वर्ष 2007 में मिला आदर्श नगर पालिका का दर्जा
नगर पालिका परिषद नानपारा को वर्ष 2007 में आदर्श नगर पालिका परिषद का दर्जा मिला। आदर्श नगर पालिका घोषित होने के बाद प्रतिवर्ष नगर क्षेत्र के विकास के लिए एक करोड़ के बजट से नानपारा का विकास हो रहा है।