बहराइच। गांव की सरकार चुनने के लिए शनिवार को 74 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले। मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप के बीच देर शाम तक ग्राम प्रधान पद के 1598 और सदस्य पद के 1538 प्रत्याशियों के भाग्य मतपेटियों में बंद हुए।
इस बीच वीरशाहपुर में बूथ लूटने की कोशिश की गई, जिसके चलते हुई मारपीट में छह लोग घायल हुए हैं। बहोरिकपुर में निरस्त प्रत्याशी के चुनाव चिह्न को बैलेट पेपर में शामिल कर मतदान के लिए भेज दिया गया।
इसके चलते यहां दो घंटे मतदान बाधित रहा। अन्य सात स्थानों पर भी फर्जी वोटिंग को लेकर झड़प हुई। इस पर सुरक्षा में मुस्तैद पुलिसकर्मियों को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के तहत शनिवार सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई। विकासखंड तेजवापुर, शिवपुर और महसी में ग्राम प्रधान के 215 व सदस्य पद के 2853 पद के लिए ग्राम प्रधान के 1598 और सदस्य पद के लिए 1538 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
वोटिंग के साथ ही फर्जी मतदान को लेकर शुरू हुआ झड़प का सिलसिला पूरे दिन मतदान केंद्रों पर जारी रहा। सुबह 11 बजे के आसपास महसी के वीरशाहपुर मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने मतपेटी लूटने की कोशिश की। काफी संख्या में लोग मतदान कक्ष में घुस गए।
इस पर वहां मौजूद प्रत्याशियों के एजेंट व ग्रामीणों में मारपीट शुरू हो गई। इसमें वीरशाहपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार, कैलाश, रामदीन, नोखे, शिवचरन और गोपाल घायल हो गए।
इनमें सुरेंद्र, कैलाश और रामदीन को अधिक चोटें आई हैं। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मतपेटियों को बचाकर भीड़ को खदेड़ा।
उधर, बहोरिकपुर मतदान केंद्र पर वार्ड नंबर 13 ग्राम पंचायत सदस्य पद का बैलेट पेपर भेज दिया गया, जबकि इस वार्ड में दुर्गा प्रसाद निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं।
उनकी प्रतिद्वंद्वी साधना देवी का पर्चा संविदाकर्मी होने के चलते खारिज किया जा चुका है। फिर भी बैलेट पेपर में साधना देवी का चुनाव चिह्न अंकित था।
सुबह सात बजे से 11 बजे के बीच बैलेट पेपर क्रमांक 6443527 से 6443555 तक इन बैलेट पेपरों पर मुहर भी लग गई। इसके बाद जब प्रत्याशी दुर्गा प्रसाद ने स्वयं विरोध किया तब लोगों को जानकारी हुई।
तत्काल मतदान रोक दिया गया। दो घंटे मतदान बाधित रहा। मौके पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र श्रीवास्तव, एआरओ आरएम त्रिपाठी ने वार्ड नंबर 13 पंचायत सदस्य का बैलेट पेपर वापस भेजा तब मतदान शुरू हो सका।
वहीं, रमपुरवा में धीमे मतदान की शिकायत पर पहुंचे डीएम ने कर्मचारियों को फटकार लगाई। डीएम के साथ मौजूद फोर्स ने मतदान परिसर में मौजूद भीड़ को खदेड़ा। 28 से अधिक बाइकों को पंक्चर कर दिया गया।
कपूरपुर और दहाव मतदान केंद्र पर फर्जी वोटिंग को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई। यहां भी पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
खैरीघाट के बेहड़ा प्राथमिक विद्यालय पर भी फर्जी वोटिंग का मामला सामने आया। पुलिसकर्मियों ने मामले को शांत किया। मतपेटियों को देर रात तक ब्लॉक मुख्यालयों पर स्थित स्ट्रांग रूम में पहुंचाया गया।
विरोध करने पर एसआई को घेरा
रमपुरवा मतदान केंद्र पर भीड़ अधिक होने के चलते एक साथ छह-सात की संख्या में मतदाता वोट डालने के लिए मतदान कक्ष में पहुंच रहे थे।
ड्यूटी पर मुस्तैद उपनिरीक्षक रामप्रकाश ने विरोध किया तो वहां मौजूद लोगों ने एसआई को घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने हल्का बल प्रयोग कर किसी तरह लोगों को खदेड़ा तब स्थिति सामान्य हो सकी।
रानी बेड़नापुर ने पुत्री के साथ डाला वोट
विकासखंड तेजवापुर अंतर्गत ग्राम सभा तेजवापुर का पोलिंग बूथ कस्तूरबा विद्यालय के निकट बनाया गया था। यहां राजमहल बेड़नापुर की रानी किरन सिंह अपनी पुत्री दिव्यानी सिंह के साथ वोट डालने पहुंचीं।
प्रशासन के दावे तार-तार
बहराइच। मतदान कराने को लेकर प्रशासन ने कई दावे किए थे। सुरक्षा के साथ ही फर्जी वोटिंग रोकने के लिए सात जोन व 51 सेक्टर भी बनाए गए थे लेकिन सारे दावे तार-तार नजर आए।
पहले चरण में होने वाले चुनाव के ब्लाकों के अधिकतर लोग बाढ़ की आपदा होने के कारण महानगरों व गैर जनपदों में नौकरी करने जाते हैं।
इनके नाम पर यहां पर खूब वोटिंग की गई, जबकि कई अन्य लोगों के मौजूद होने के बाद भी उनके वोट डाल दिए गए। वहीं, आधी आबादी का उत्साह देखते ही बना।
घूंघट की ओट में महिलाओं ने मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शिवपुर के बेहड़ा मतदान केंद्र पर एक वृद्ध महिला को उसका बेटा गोद में लेकर मतदान कराने पहुंचा।