उर्रा (बहराइच)। जिले में स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला शनिवार को सामने आया है। मिहींपुरवा विकास खंड के सहजरामपुरवा प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। वहीं जिले के शिक्षक भी शोकाकुल हैं। सीएमओ ने भी स्वाइन फ्लू से मौत की पुष्टि की है।
लखीमपुर खीरी जिले के निपनिया गोला निवासी रामशंकर (34) वर्ष 2015 में बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती हुए थे। 72825 की भर्ती के तहत उन्हें शिक्षक की नौकरी मिली थी। तैनाती मिहींपुरवा विकास खंड अंतर्गत मझरा ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय सहजरामपुरवा में हुई थी। अध्यापन कार्य कर रहे थे। लेकिन पखवारे भर पूर्व उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई। बुखार, नजला और जुकाम होने पर उन्होंने स्थानीय डॉक्टरों से इलाज कराया। लाभ न होने पर जिला अस्पताल में परीक्षण कराया, तब स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई। इस पर उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया। वहां पर इलाज के दौरान सोमवार भोर में रामशंकर ने दम तोड़ दिया। सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों को पता चला तो वह भी शोकाकुल हो गए। न्याय पंचायतसमन्वयक जगतार सिंह और मिहींपुरवा के खंड शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि शिक्षक रामशंकर कुछ दिनों से बीमार थे। स्वाइन फ्लू का पता चला था। इस पर उनका इलाज लखनऊ में हो रहा था। लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गए। वहीं सीएमओ डॉ. अरुण पांडेय का कहना है कि केजीएमयू लखनऊ से स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना दी गई है। जिले में पहले से ही अलर्ट जारी है। पुन: स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षकों को सजग किया गया है।