बहराइच लोकसभा क्षेत्र में लोगों ने मतदान के प्रति दिखाया उत्साह, पिछली बार 57.18 प्रतिशत पड़े थे वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व का उत्साह सोमवार की सुबह से ही मतदाताओं के सिर चढ़ कर बोला और बीते वर्ष के मतदान का रिकाॅर्ड टूट गया। कड़ी धूप व बारिश भी मतदाताओं का उत्साह कम नहीं कर सकी और जिले में 57.47 प्रतिशत मतदान हुआ। हालांकि इस दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों की खराबी के चलते देरी से मतदान शुरू हुआ। वहीं सैकड़ो बूथों पर मतदाता सूची में नाम न होने से मतदाताओं को मायूस होकर वापस लौटते देखा गया। यही नहीं बलहा विधानसभा के भरथापुर मतदान केंद्र पर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। जिला प्रशासन के मान मनौव्वल के बाद 2:00 बजे से मतदान शुरू हुआ।
जिले की बहराइच लोकसभा सीट के लिए जिले के 1885 मतदेय स्थलों पर सोमवार की सुबह 7:00 बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान को लेकर मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। कई बूथों पर सुबह से ही मतदाताओं की लाइन लग गई। हालांकि इस दौरान 50 से अधिक बूथों पर ईवीएम मशीनों में खामी आ गई, जिससे कहीं आधा तो कहीं एक घंटा बाद मतदान शुरू हो सका। समय बढ़ने के साथ ही बूथों पर मतदाताओं की भीड़ बढ़ती गई और सुबह के पहले दो घंटों में 14.1 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं इस दौरान नौ बजे के समय चटख धूप निकली, लेकिन मतदाताओं के हौसले बुलंद रहे और अगले दो घंटों में मतदान प्रतिशत बढ़कर 28.35 पहुंच गया। इस दौरान बारिश ने भी मतदाताओं के उत्साह की परीक्षा ली, लेकिन लगभग 30 मिनट हुई बारिश भी मतदाताओं के उत्साह को कम न कर सकी। बारिश बंद होने के बाद बढ़ी उमस के बीच दोपहर 1:00 बजे तक 40.51 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि दोपहर के समय चिलचिलाती धूप व उमस के चलते मतदान की गति थोड़ा मंद हुई और 3:00 बजे तक सिर्फ 8.28 प्रतिशत मतदाता ही बूथों तक पहुंचे। दोपहर तीन बजे तक 48.89 प्रशित मतदान हुआ। हालांकि शाम को एक बार फिर मतदान ने गति पकड़ी और मतदान समाप्ति तक जिले का मतदान प्रतिशत 57.47 पहुंच गया। जो बीते वर्ष लोकसभा चुनाव 2019 के मतदान प्रतिशत 57.18 से अधिक रहा।
भरथापुर के लोगों ने किया बहिष्कार, दो बजे शुरू हुआ मतदान
मिहींपुरवा/मोतीपुर। भारत नेपाल सीमा पर कतनिर्याघाट जंगल में बसे बलहा विधानसभा क्षेत्र के भरथापुर के ग्रामीणों ने सोमवार की सुबह अचानक मतदान बहिष्कार कर दिया। जिसकी जानकारी होने पर जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। भरथापुर बूथ पर दोपहर एक बजे तक सिर्फ एक वोट पड़ा। जिसकी जानकारी होने पर डीएम मोनिका रानी ने सीडीओ रम्या आर, डीएफओ कतनिर्याघाट बी.शिवशंकर, एसडीएम मिहींपुरवा संजय कुमार को मौके पर भेजा। सभी ने ग्रामीणों से बातचीत की और काफी मान मनौवल के बाद ग्रामीण माने। भरथापुर बूथ पर दोपहर दो बजे के बाद मतदान शुरू हुआ। भरथापुर में कुल 802 मतदाता हैं। ये लोग विस्थापन को लेकर नाराज थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें विस्थापित कर सुरक्षित स्थान पर बसाने की बात कही गई थी। लेकिन कई साल बीतने के बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ। वहीं भरथापुर के मजरा तेलागौड़ी के ग्रामीणों ने बताया कि वह सभी कई सालों से उनके गांव में मतदान केंद्र बनाने की मांग कर रहे थे। लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें गेरुआ नदी पार कर 15 किमी दूर भरथापुर वोट देने के लिए जाना पड़ता है। जिसको लेकर उन्होंने बहिष्कार किया। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों ने अगले चुनाव में उनके गांव के स्कूल को पोलिंग बूथ बनाने का आश्वासन दिया है।
खराब हुई 54 से अधिक ईवीएम, घंटों बाधित रहा मतदान
जिले के 54 से अधिक मतदेय स्थलों की ईवीएम मशीनें खराब हुईं, जिससे घंटों मतदान बाधित रहा। कई स्थानों पर मशीनों को दुरुस्त कर तो कइयों पर दूसरी मशीन भेजवानी पड़ी। शहर स्थित तारा देवी महिला इंटर कॉलेज के बूथ संख्या 146, मंसूरगंज में बूथ संख्या 48 सहित कुल 14 डीयू, 17 सीयू, 23 वीवीपैट मशीनों के खराब होने की बात की जा रही है। रुपईडीहा के नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज मतदान केंद्र के बूथ संख्या 19 में कंट्रोल यूनिट खराब होने से आधा घंटा मतदान बाधित रहा। पीठासीन अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि मजिस्ट्रेट राम तिलक वर्मा के सामने कंट्रोल यूनिट बदली गई है। महसी के सधुवापुर मतदान केंद्र के बूथ संख्या 149 पर ईवीएम खराब हुई। जिसके चलते एक घंटे तक मतदान बाधित रहा।
सूची से नाम गायब, प्रधान समेत कई मायूस होकर लौटे
लोकतंत्र के महापर्व पर सोमवार को जिम्मेदारों की लापरवाहियां भी उजागर हुई। अधिकांश बूथों पर कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब रहे। जिससे उन्हें बिना अपने मताधिकार का प्रयोग किया मायूस होकर जाना पड़ा। लापरवाही का आलम यह रहा कि बाबागंज के थनईगांव के प्रधान राम किशुन का नाम सूची से गायब रहा। रामकिशुन ने बताया कि उनके जानने वाले दर्जनों लोगों का नाम गायब है। वहीं प्राथमिक विद्यालय करीमगांव गेंदपुर पर मतदान करने आए मंगल, सुमिरन ,रीता, अर्चना, रामू, मनीषा, कंधई, प्रीति , लवकुश, सरोजनी आदि के नाम भी गायब रहे और उन्हें भी मायूस होकर जाना पड़ा।
दोपहर में बूथों पर दिखा सन्नाटा, शाम को बढ़ी भीड़
मतदान के दौरान जहां सुबह बूथों पर भीड़ रही तो वहीं दोपहर के समय सन्नाटा देखने केा मिला। कई बूथों पर तो एक भी मतदाता नजर नहीं आए। दोपहर 12:00 बजे बाबागंज के प्राथमिक विद्यालय चंदनपुर, प्राथमिक विद्यालय करिमगाव, दोपहर तीन बने पोलिंग बूथ नानपारा, नवाबगंज के दुविधापुर आदि पर सन्नाटे की स्थिति देखने को मिली।
नाम कटने से नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
धरसवां। बहराइच लोकसभा क्षेत्र के खुटेहना स्थित मतदान केंद्र अरकापुर के बूथ संख्या 305, 306, 307 पर मतदान करने आए दर्जनों ग्रामीणों का नाम मतदाता सूची से गायब रहा। जिसकी जानकारी होने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और बूथ के सामने बीएलओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस कर्मियों ने सभी को समझा कर घर भेज दिया।
मोबाइल लेकर पहुंचा युवक, थाना प्रभारी ने पढ़ाई आचार संहिता
महसी विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्र मुकेरिया पर एक मतदाता गुपचुप तरीके से मोबाइल लेकर परिसर में पहुंच गया और मतदाताओं की लाइन में लग गया। इस दौरान पुलिस व असम रायफल के जवानों के साथ सुरक्षा जांच को पहुंचे रामगांव थाना प्रभारी शशि राणा ने युवक को पकड़ लिया। थाना प्रभारी ने बिना किसी डांट के युवक को आदर्श आचार संहिता की जानकारी दी और उसका मोबाइल उसके परिजनों के पास रखवाया।
एडीजी, कमिश्नर-डीआईजी समेत भ्रमणशील रहे आला अधिकारी
बहराइच। सकुशल मतदान संपन्न करवाने के लिए एडीजी गोरखपुर जोन डॉ. केएस प्रताप कुमार, देवीपाटन कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र, डीआईजी अमरेन्द्र प्रसाद सिंह ने जिले का भ्रमण किया विभिन्न क्षेत्रों में जारी मतदान की हकीकत जानी। वहीं डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, सामान्य प्रेक्षक अनिल राज राय, पुलिस प्रेक्षक केएसएसवी सुब्बारेड्डी व व्यय प्रेक्षक टी. सेंथिल मुरूगन भी टीम के साथ भ्रमणसील रहे। इस दौरान अधिकारियों ने मतदाताओं से वोट देने के बाद घर जाने व मतदान केंद्र के बाहर भीड़ न लगाने की अपील की।