घाघरा के कछार में बसे 10 गांवों के ग्राम पंचायत की 3100 बीघा जमीन पर भूमाफिया का कब्जा मिला है। पैमाइश में पुष्टि के बाद भूमाफिया ने जमीन पर कब्जा कर बोई गई फसल को कटवाने की कोशिश की थी। लेकिन निगरानी में लगी तीन थानों की पुलिस के चलते भूमाफिया सफल नहीं हुए। इस फसल को जब्त कर मड़ाई शुरू करवा दी गई है। 52 क्विंटल गेहूं अब तक तहसील प्रशासन के हाथ लगा है।
महसी तहसील अंतर्गत घाघरा नदी के उस पार कछार में ग्राम पंचायत की जमीन है। नदी के उस पार होने से इन जमीनों पर पंचायत प्रशासन कम नजर रख पाता था। इसका फायदा क्षेत्र के भूमाफिया उठाते हैं। इनमें बहराइच के साथ-साथ सीतापुर जिले के भूमाफिया शामिल हैं।
पखवारे भर पूर्व महसी तहसील प्रशासन को पता चला था कि कछार क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायतों की जमीन पर भूमाफिया कब्जा कर गेहूं, मसूर, चना, अलसी आदि की फसल बोये हुए हैं। एसडीएम महसी महेंद्र सिंह तंवर ने जांच करवाई तो कब्जे की पुष्टि हुई। इस पर एसडीएम ने फसलों की कटाई करने पर पाबंदी लगा दी थी। लेकिन पता चला कि कुछ भूमाफिया चोरी छिपे फसल काटने की कोशिश कर रहे हैं।
इस पर 19 सदस्यीय टीम ने शनिवार को छापेमारी की तो भूमाफिया भाग खड़े हुए। इसके साथ ही खेतों की फसल जब्त कर उसकी कटाई और मड़ाई शुरू करवा दी है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि नायब तहसीलदार आरके विश्वकर्मा मौके पर कैंप कर रहे हैं। गोलागंज, उमरिया, बरुआ बेहड़, आशापुर, पचदेवरी, खरगापुर, मुरौवा, मुंसारी, मंगरवल और पंडितपुरवा में ग्राम पंचायत की जमीन पर कब्जा कर फसल लगी हुई है।
उसकी मड़ाई कंबाइन से करवाई जा रही है। साथ में पैमाइश कर ग्राम पंचायत के जमीन की निशानदेही भी हो रही है। एसडीएम ने बताया कि अब तक ग्राम पंचायत की जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल की जो मड़ाई हुई है, उससे 52 क्विंटल गेहूं प्राप्त हुआ है।
यह गेहूं बौंडी थाने की सुपुर्दगी में दिया गया है। उन्होंने कहा कि चार दिन में पूरी फसल की मड़ाई करवाकर उससे मिलने वाले उत्पादन को जब्त कर लिया जाएगा। उपजिलाधिकारी ने बताया कि शनिवार को कंबाइन सुबह अचानक खराब हो गई। जिसके चलते मड़ाई का कार्य बाधित रहा। उन्होंने कहा कि देर शाम तक मशीन बनकर आ जाएगी। इसके बाद पुन: मड़ाई शुरू होगी।
घाघरा के कछार में ग्राम पंचायत की जमीन पर आए दिन कब्जे होते रहते हैं। वर्ष 2016 में भी जमीनों पर कब्जे का मामला सामने आया था। इस पर 110 लोगों के खिलाफ बौंडी थाने में केस दर्ज हुआ था, लेकिन मामला फाइलों में ही दबा रह गया।