बहराइच। महसी तहसील क्षेत्र में प्रतिवर्ष सरयू की लहरें कहर बरपाती हैं। पिछले वर्ष की बाढ़ में घूरदेवी गांव के निकट बेलहा–बेहरौली तटबंध को बचाने के लिए बनाए गए स्पर का अधिकांश हिस्सा नदी में बह गया था। इससे तटबंध समेत 13 गांव नदी के कटान के दायरे में आ गए हैं। इन गांवों की सुरक्षा के लिए स्पर की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। इस पर 4.85 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जिले में प्रतिवर्ष जून से अक्तूबर तक सरयू नदी उफान पर रहती है। इस दौरान दो लाख से अधिक की आबादी बाढ़ और कटान की चपेट में आ जाती है। जिले के एक बड़े हिस्से को बाढ़ से बचाने के लिए महसी तहसील क्षेत्र में बेलहा–बेहरौली तटबंध बनाया गया है।
इस तटबंध की सुरक्षा के लिए नदी के कटान वाले चार स्थानों पर स्टड और स्पर बनाए गए थे। नदी की धारा इन स्पर और स्टड से टकराकर दूसरी ओर मुड़ती है।
पिछले वर्ष की बाढ़ में तटबंध के किलोमीटर संख्या 64 पर घूरदेवी गांव के पास स्थित एक स्पर क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया अधर में थी। जून में सरयू फिर उफान पर आ सकती है, ऐसे में स्पर के उच्चीकरण और पुनर्निर्माण के लिए सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम ने कवायद तेज कर दी है।
सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता वीवी पाल ने बताया कि 4.85 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है, लेकिन अभी बजट के लिए शासन की अगली बैठक का इंतजार है। बजट मिलने के बाद काम तुरंत शुरू करवा दिया जाएगा।
स्पर के कमजोर होने से खतरे में 13 गांव
स्पर के क्षतिग्रस्त होकर कमजोर होने के कारण घूरदेवी, बिसवां, भदवानी, गावट, हेमनापुर, भौंरी, बोहरवा समेत 13 गांव नदी के निशाने पर हैं। बेलहा-बेहरौली तटबंध को भी खतरा है।
परियोजना के तहत किए जाने वाले कार्य
सहायक अभियंता ने बताया कि परियोजना के तहत क्षतिग्रस्त स्पर को दुरुस्त किया जाएगा। इसके साथ ही बोल्डर की रिपेयरिंग, 1.5 किमी तक सीलिंग और स्पर के उच्चीकरण का कार्य भी किया जाएगा।