बहराइच। शहर में चांदपुरा के पास स्थित पुराने अस्पताल परिसर में 10 बेड के मिनी ट्रामा सेंटर का निर्माण पूरा हो गया है। नवंबर में ट्रामा सेंटर भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।
निर्माण पर 2.5 करोड़ खर्च हुए हैं। अब ट्रामा सेंटर के लिए अत्याधुनिक मशीनें मंगाई जाएंगी, जिससे जिले के लोगों को लखनऊ ट्रामा सेंटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। गंभीर रोगियों की जिंदगी बच सकेगी।
जिले में ट्रामा सेंटर न होने से दुर्घटना या अन्य मर्ज के गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को तो दिक्कत होती है। तीमारदारों को भी बहराइच व लखनऊ का चक्कर लगाना पड़ता है।
इस समस्या को देखते हुए प्रदेश के तत्कालीन परिवहन राज्यमंत्री यासर शाह ने मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया था। जिस पर जिले में 10 बेड के मिनी ट्रामा सेंटर स्थापित करने को हरी झंडी मिली थी।
उसी के तहत शहर के चांदपुरा के निकट स्थित पुराने अस्पताल परिसर में छह सितंबर 2016 को मिनी ट्रामा सेंटर की आधारशिला रखी गयी थी। ट्रामा सेंटर के निर्माण पर शुरुआती बजट 1.68 करोड़ व्यय होने का अनुमान लगाया गया था।
लेकिन अब तक दो करोड़ पांच लाख 36 हजार खर्च हो चुका है। भवन बनकर तैयार हो गया है। कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस जल निगम ने निर्माण कराया है।
स्वास्थ्य विभाग के अभियंता आरके वर्मा ने बताया कि अस्पताल परिसर में सीसी रूम, इंटरलाकिंग आदि का कार्य बचा है। इसे भी अक्तूबर माह में पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवंबर में भवन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा। इस मिनी ट्रामा सेंटर में सभी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं होंगी, साथ ही दिल के रोगियों और दुर्घटना में घायल रोगियों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा रहेगी।
अस्पताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
मेडिसिन, सर्जरी, आर्थोपेडिक, पीडियाट्रिक, कार्डिएक रोगों का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा होगा। रोगियों के भर्ती करने की व्यवस्था, इमरजेंसी वार्ड और ओपीडी की स्थापना होगी। पैथालोजी और एक्सरे की सुविधा रहेगी। सिटी स्कैन मशीन लगेगी। इसके साथ ही सभी बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई की आटोमेटिक व्यवस्था की जाएगी।
मिनी ट्रामा सेंटर में कार्डिएक सेंटर की भी स्थापना होगी। जिससे दुर्घटना में घायल और दिल के रोगियों को तुरंत बेहतर इलाज मिल सके। उन्हें लखनऊ न भागना पड़े।
भवन हस्तगत होने पर उसका सघन निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजकर उपकरणों की व्यवस्था करायी जाएगी। प्रयास है कि नवंबर में मिनी ट्रामा सेंटर संचालित हो सके।
-डॉ. एके पांडेय मुख्य चिकित्साधिकारी