अंतिम चौथी पर जियारत को उमड़े जायरीन
चादरपोशी व निशान पेशकर अकीदतमंद ने की अमन-चैन की दुआ
बहराइच। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर चल रहे जेठ मेले की अंतिम चौथी पर रविवार को सुबह से जियारत के लिए जायरीन की भीड़ उमड़ पड़ी। जत्थों में जायरीन मजार शरीफ पहुंचे और मन्नतें मांगते हुए जियारत की। मेले में जमकर खरीदारी भी हुई। अंतिम चौथी होने से भीषण गर्मी के बावजूद अकीदतमंद की भारी भीड़ उमड़ी।
सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर जेठ मेला माह भर पूर्व शुरू हुआ था। रविवार को मेले की अंतिम चौथी का आयोजन परंपरागत तरीके से हुआ। सुबह जंजीरी गेट चूमते हुए नाल दरवाजे से अकीदतमंद ने मजार शरीफ पर पहुंचकर हाजिरी लगाई। इस दौरान गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बलिया, बस्ती, आजमगढ़, देवरिया, बिहार, मध्यप्रदेश, नेपाल, मुंबई से आए जायरीन ने गाजी की शान में कसीदे पढ़ते हुए मजार शरीफ पर चादरपोशी की। दरगाह शरीफ के पूर्वी गेट से निशान लिए हुए अकीदतमंद ने मजार शरीफ पहुंचकर हाजिरी लगाई। यहां पर अधिकांश जायरीन ने मजार शरीफ के गुंबद पर कौड़ियां फेंककर मन्नतें मांगी। सुबह शुरू हुआ जियारत का सिलसिला देर रात तक चला। स्थानीय जायरीन की भी तादाद अधिक रही। जियारत के साथ ही मेले में खरीदारी के लिए भी जायरीन का रेला उमड़ता रहा। चीनी मिट्टी के बर्तन, कालीन व अन्य सामानों की खरीदारी के लिए लोग उमड़ते रहे। सर्कस, झूला व मौत का कुआं देखने के लिए भी मेलार्थियों का हुजूम उमड़ा। दरगाह मेले से अनारकली पहुंचकर अकीदतमंद ने परंपरागत तरीके से स्नान कर जियारत की। दरगाह प्रबंध समिति के अध्यक्ष शमशाद अहमद ने बताया कि शांति पूर्ण तरीके से अंतिम चौथी का कार्यक्रम निपट गया।
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सुरक्षा के बावजूद सक्रिय रहे उचक्के
अंतिम चौथी पर उमड़ी जायरीन की भीड़ में सुरक्षा के बावजूद उचक्के सक्रिय रहे। जंजीरी गेट, निशान गेट, नाल दरवाजा और मनोरंजन स्थलों पर कई लोगों की जेब साफ कर दी गई। 13 लोगों ने दरगाह शरीफ प्रबंध समिति कार्यालय में जेब कटने के बाद घर पहुंचने का खर्च प्राप्त करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।