बाढ़ व कटान प्रभावित महसी तहसील के फत्तेपुरवा और बेहड़गांव में खसरा फैल गया है। 38 बच्चे बीमार हैं। सूचना के बाद भी कोई स्वास्थ्यकर्मी गांव नहीं पहुंचा है। रोगियों में आठ की हालत काफी नाजुक है। सभी जिंदगी मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
तराई में बदल रहे मौसम के बीच खसरे का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। बाढ़ और कटान प्रभावित महसी तसहील क्षेत्र में बीते दो दिनों से खसरा तेजी से फैला है। फत्तेपुरवा और बेहड़ गांव का कोई ऐसा परिवार नहीं है। जिस परिवार में बच्चे खसरे की चपेट में न हों। दोनों गांवों के 38 बच्चे खसरे से बीमार हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक अचानक तेज बुखार आता है। इसके बाद शरीर पर लाल दाने निकल आते हैं। 24 घंटे में लाल दाने फफोले के रूप में बदल जाते हैं। जिससे रोगी असहनीय जलन और पीड़ा का सामना कर रहा है।
गांव निवासी शेहरे आलम, बाबूराम, रामकुमार, लल्लू आदि ने खसरा फैलने की सूचना स्वास्थ्य केंद्र महसी और संक्रामक रोग के चिकित्सकों को दी थी। लेकिन न कोई चिकित्सक न ही चिकित्साकर्मी गांव पहुंचा है। जिसके चलते रोगी-जिंदगी मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
खसरा पीड़ितों ने माधवपुर फत्तेपुरवा निवासी इंसान अली (3), प्रियांशी यादव (5), निधि यादव (3), रुखसार बानो (01), दिव्यांशू (एक), इमरान (5), सोनी (9) और कुसुम (10) की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।
दोपहर बाद इंसान अली की तबियत अचानक अधिक बिगड़ने पर परिवारीजन वाहन का इंतजाम कर उसे जिला अस्पताल ले गए हैं। इलाज का इंतजाम न होने के चलते गांवों में पीड़ित कराह रहे हैं। घरेलू दवाओं के अलावा और कोई व्यवस्था नहीं है।