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नानपारा नगर के नौ मोहल्लों में खसरा फैला, 342 बीमार

Thu, 05 May 2016 09:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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नानपारा (बहराइच)। नानपारा नगर में खसरा महामारी का रूप अख्तियार कर चुका है। नौ मोहल्लों के 342 लोग खसरे की चपेट में है। इनमें 14 रोगियों की हालत काफी नाजुक है। यह सभी जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
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सीएचसी सूचना देने पर स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची। उल्टे डॉक्टर ने मरीजों को केंद्र पर आकर इलाज कराने को कहा जबकि रोगी स्वास्थ्य केंद्र तक जाने की स्थिति में नहीं हैं। सीएमओ ने पीड़ितों का इलाज के लिए निर्देश दिए हैं और नानपारा सीएचसी प्रभारी से जवाब-तलब किया है।

मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण संक्रामक रोग तेजी से फैल रहे हैं। यही कारण है कि खसरे का प्रकोप फैलता ही जा रहा है। अब तक खसरे से मां-बेटी समेत चार की मौतें भी हो चुकी हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमा संजीदा नहीं दिख रहा है।
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पांच दिन पूर्व तक नानपारा नगर में किला, चिकवा टोला, भिस्ती टोला और मिरियासी टोला के लोग खसरे की चपेट में थे। सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और संक्रामक रोग नियंत्रण केंद्र को दी गई लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।

इसका नतीजा यह रहा कि अब खसरे की चपेट में इन चार मोहल्लों के अलावा मोहल्ला तोपखाना, पुरानी बाजार, पड़ाव, मोहल्ला बाड़ा और जुबलीगंज के परिवार भी आ गए हैं। लगभग 342 लोग पीड़ित हैं। इन सभी को तेज बुखार के साथ शरीर पर दाने निकलते हैं जो फफोले का रूप अख्तियार कर लेते हैं। 

पीड़ितों में तालिब (13), अयान (9), सीमा (25), अली शबा (15), करीम (18), यासीन (12), अब्दुल हमीद की 35 वर्षीय पत्नी, अख्तर रब्बानी (20), फैज (15), जाहिदा (30), साबिर (46), शौकत (35), शकील (35), गुड़िया (18) की हालत गंभीर बनी है। 

डॉक्टर साहब बोले स्वास्थ्य केंद्र आकर कराओ इलाज

नानपारा नगर के निवासी अशफाक और उमेश ने बताया कि मोहल्ले में खसरा फैले होने की सूचना जब स्वास्थ्य केंद्र को दी गई तो वहां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके कुरील ने कहा कि जो भी बीमार हैं, उन्हें स्वास्थ्य केंद्र लाकर इलाज कराओ। जब टीम आएगी, तब मोहल्लो में भेजी जाएगी। 

मरीज गए तो थमा दिया पैरासीटामॉल

मोहल्ले के कुछ लोग अपने परिवार के रोगियों को लेकर सीएचसी पहुंचे तो औपचारिक परीक्षण के बाद पैरासीटामॉल की चार गोली देकर उन्हें घर भेज दिया गया। 

टीम भेज तलब की आख्या

नानपारा नगर के मोहल्लों में खसरा फैले होने की सूचना मिली है। संक्रामक रोग नियंत्रण केंद्र के डॉक्टरों की टीम को मोहल्लों में कैंप कर इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा के प्रभारी चिकित्साधिकारी से आख्या तलब की गई है।  
- डॉ. डीआर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी

ये हैं खसरे के लक्षण

जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ केके वर्मा ने कहा कि खसरा पैरामाइक्सोवाइरस परिवार के मीजल्स वायरस के कारण फैलता है। खसरे मेें तीन-चार दिनों तक बुखार आता है, जो 104 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मुंह में तालू पर सफेद धब्बे भी नजर आते हैं। शरीर पर लाल दाने हो जाते हैं। यह दाने बाद में त्वचा पर गहरे भूरे रंग का दाग भी छोड़ जाते हैं। इनमें खुजली भी होती है। रोगी को खांसी आती है, आंखें लाल हो जाती हैं। नाक से पानी भी आता है। यह औसतन 14 दिनों तक प्रभावी रहता है। बीमारी अधिक दिन तक रहने पर मौत हो सकती है।  

छुआछूत की बीमारी, रहें रोगी से दूर

डॉ. केके वर्मा कहते हैं कि खसरा छुआछूत से फैलने वाली बीमारी है। यह रोग मरीज के खांसने, छींकने से स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है। खसरे के प्रकोप से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि पीड़ित रोगी से अन्य घर वालों को दूर रहें।

खसरे से बचाव के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में वैक्सीन लगाई जाती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपनों बच्चों के खसरे के टीके के साथ अन्य जरूरी टीके अवश्य लगवाएं। बड़े भी एहतियात बरतें। घर में व आसपास साफ-सफाई रखें।
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