बहराइच। सरकार की ओर से गरीबों के लिए फ्री राशन योजना संचालित की जा रही है, लेकिन बड़ी संख्या में अपात्र लोग भी इसका लाभ ले रहे थे। विभागीय जांच में इसका खुलासा हुआ है।
जांच के दौरान पाया गया कि लाभार्थियों में कई भूमिधर, चारपहिया वाहन स्वामी तथा बैंक खातों में बड़ी धनराशि रखने वाले लोग भी शामिल हैं। ऐसे में विभाग ने कार्रवाई करते हुए 32,742 कार्डधारकों को अपात्र घोषित कर दिया है। अब उनके स्थान पर नए पात्रों को जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिले में प्रति माह लगभग सवा सात लाख लोगों को कोटे की दुकानों से राशन वितरित किया जाता है। आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के बावजूद 32,742 अपात्र लोग योजना का लाभ लेते रहे। शिकायतें मिलने पर विभाग ने जांच कराई, जिसमें सामने आया कि कई अपात्रों ने दो लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया है या उनके पास कार अथवा पर्याप्त भूमि है।
राशन वितरण योजना में फर्जीवाड़े का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 39,824 कार्डधारकों की जांच में केवल 3,541 ही पात्र पाए गए।
डीएसओ नरेंद्र तिवारी ने बताया कि शासन से प्राप्त सूची की जांच पूरी कर ली गई है। अपात्र कार्डधारकों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं और उनके स्थान पर नए पात्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।