नानपारा (बहराइच)। सरयू नहर खंड नानपारा में सोमवार को सात परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी। मौके पर पहुंचे श्रावस्ती के कुछ ठेकेदारों ने अपने को श्रावस्ती विधायक का करीबी बताकर जमकर हंगामा किया।
ठेकेदारों ने तोड़फोड़ करते हुए टेंडर बॉक्स को कब्जे में ले लिया। इससे बहराइच और अन्य जिलों के ठेकेदार टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सके।
आक्रोशित जिले के ठेकेदारों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले को तूल पकड़ता देख अधिशासी अभियंता ने आननफानन में पूरी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। इसके बाद प्रदर्शनकारी ठेकेदार शांत हुए।
नानपारा में सरयू नहर खंड की ओर से सात परियोजनाओं के लिए टेंडर के आवेदन आमंत्रित किए गए थे। 25 लाख के कार्य विभिन्न परियोजनाओं में होने हैं। इसके लिए 128 टेंडर फार्म बिके थे।
सोमवार को निविदा फार्म को बॉक्स में डालने की तिथि थी। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों के ठेकेदार नानपारा पहुंचे। दोपहर में जब नहर खंड के कैशियर अशोक कुमार की निगरानी में टेंडर कार्य सुचारु तरीके से चल रहा था, तभी श्रावस्ती जिले के कुछ ठेकेदार आ धमके।
उन सभी ने अपने को श्रावस्ती के एक विधायक का करीबी बताते हुए टेंडर बॉक्स पर कब्जा कर लिया। कहा कि सिर्फ श्रावस्ती के ही ठेकेदार टेंडर डालेंगे।
बहराइच के ठेकेदारों ने विरोध किया तो श्रावस्ती के ठेकेदारों ने मौके पर जमकर तोड़फोड़ कर अपशब्दों का प्रयोग किया। इससे हंगामे की स्थिति बन गई।
घटना से गुस्साए जिले के ठेकेदारों ने सिंचाई समिति के संयोजक मोहम्मद अब्दुल्ला की अगुवाई में नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना पाकर राजा बाजार चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह भदौरिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह प्रदर्शनकारी ठेकेदारों को समझाया। प्रदर्शनकारी ठेकेदार मानने को तैयार नहीं हुए।
तूल पकड़ता देख अधिशासी अभियंता विनय कुमार ने टेंडर प्रक्रिया को सिरे से खारिज कर दिया। इसकी नोटिस जब अधिशासी अभियंता ने बोर्ड पर चस्पा करवाई, तब प्रदर्शनकारी शांत हुए।
प्रदर्शनकारियों में लुकमान खां, रामकुमार वर्मा, डॉ. पी सिंह, गुलाम सैयद, जाबिर खान, विजय शर्मा, राजेश पाठक, बृजेश पाठक, लियाकत, मुन्ना मारिया, गायत्री, बाबूलाल समेत काफी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे।