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प्रभारी सीएमएस की फटकार से भड़के जिला अस्पताल के कर्मचारी

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बहराइच। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक व महिला नर्स के बीच सोमवार सुबह आपसी विवाद हो गया। विवाद को लेकर चिकित्सक व नर्स प्रभारी सीएमएस के पास पहुंचे। यहां पर सीएमएस ने पुरुष व महिला नर्स को फटकार लगा दी। इससे नाराज कर्मियों ने सीएमएस पर अभद्रता और अपशब्दों का प्रयोग करने का आरोप मढ़ते हुए हड़ताल की घोषणा कर दी। स्वास्थ्य सेवा ठप कर दी। दो घंटे तक अस्पताल में हड़ताल से अफरा-तफरी की स्थिति रही। सीएमएस के समझाने बुझाने पर दोपहर बाद सभी अपने काम पर लौटे।
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जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. भरत पांडेय तथा महिला नर्स पूनम वर्मा के बीच सोमवार सुबह अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज को लेकर बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने समझा बुझाकर शांत किया। दोनों पक्ष प्रभारी सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय के सामने पहुंच गए। महिला नर्स के साथ स्वास्थ्य कर्मी एसएस सिंह भी थे। यहां पर दोनों पक्षों का जवाब सुनने के बाद सीएमएस ने स्टाफ नर्स व उसके सहयोगी कर्मचारी को फटकार लगा दी। इससे क्षुब्ध पुरुष व महिला नर्सों ने सीएमएस पर अपशब्दों का आरोप लगाते हुए हड़ताल की घोषणा कर कामकाज ठप कर दिया। सभी सीएमएस पर चिकित्सक का पक्ष लेने का आरोप भी लगाने लगे। स्वास्थ्य कर्मी कामकाज का बहिष्कार कर चिल्ड्रेन वार्ड में एकत्रित हो गए। इससे अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसकी जानकारी सीएमओ व सीएमएस को दी गई। इस पर सीएमएस ने मौके पर पहुंचकर पुन: महिला नर्स पूनम व एसएससिंह के साथ अन्य कर्मचारियों से मुलाकात कर मान-मनौव्वल की। कहा कि उन्होंने गलत भावना से कुछ नहीं कहा। सीएमएस ने कमेटी गठित कर पूरे मामले की जांच कराने की बात भी कही। जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा मिलने पर सभी शांत हुए। इस मामले में प्रभारी सीएमएस डॉ. ओपी पांडेय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रविवार रात बच्चे की मौत के मामले में वह जिलाधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र लेकर जा रहे थे। तभी कर्मचारी आ गए। फटकार किसी को नहीं लगाई। बल्कि सभी को समझाया गया है। कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया है।

तो इस लिए हुआ विवाद
जिला अस्पताल की नर्स पूनम वर्मा ने बताया कि रात में कुछ लोगों ने बच्चे के इलाज को लेकर हंगामा किया था। इस मामले में डॉ. भरत ने कहा कि कर्मचारी बवाल होनेे पर भाग लेते हैं। चिकित्सकों का साथ नहीं देते। इसी बात का विरोध करने पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ।
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