राजीचौराहा (बहराइच)। महसी विद्युत उपकेंद्र से किसानगंज चौराहे तक बीते वर्ष प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण किया गया था। 10 दिन पूर्व तेज आंधी में 25 बिजली के खंभे टूट गए। इसकी शिकायत लोगों ने अधिकारियों से की, लेकिन एक भी विद्युत पोल बदला नहीं गया। इससे नौ गांव की 30 हजार से अधिक आबादी अंधेरे में रहने को विवश है। वहीं अब जेई उपभोक्ताओं के फोन भी नहीं रिसीव कर रहे हैं।
महसी तहसील अंतर्गत किसानगंज चौराहे तक पड़ने वाले नौ गांव में प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण किया गया था। 10 दिन पूर्व जिले में तेज आंधी और बारिश हुई थी। इससे भगवानपुर गांव से किसानगंज तक 17 बिजली के खंभे टूट गए।
जबकि फत्तेपुरवा चौराहे से माधवपुरवा तक आठ विद्युत पोल टूट गए थे। इससे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से भी की पर 10 दिन बीत जाने के बाद भी विद्युत पोल नहीं बदले गए। इससे मरवट, माधवपुरवा, करेहना, दीवान बाग, खालेपुरवा, लोनियनपुरवा, लोहारनपुरवा समेत नौ गांव की लगभग 30 हजार आबादी प्रभावित है। लोग अंधेरे में रहने को विवश है।
ग्रामीणों ने कई बार अवर अभियंता से लेकर क्षेत्रीय लाइनमैन से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इस मामले में अवर अभियंता आलोक कुमार मौर्या से बात करने के लिए उनके मोबाइल पर फोन लगाया गया। फोन की घंटी बजती रही, उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।