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रिश्तों में तल्खी के बीच 2500 नेपाली कामगार पहुंचे भारत

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रूपईडीहा (बहराइच)। कुछ दिनों से दोनों देशों के रिश्तों में भले ही उतार-चढ़ाव देखने को मिला है लेकिन भारत से नेपाल का जुड़ाव रोटी-बेटी का भी है। रोजी-रोटी की तलाश में 2500 नेपाली कामगार वापस भारत काम करने को लौटे हैं। दोनों देशों की सीमाओं पर ताले पड़े हैं लेकिन मानवता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि इन सभी कामगारों को प्रवेश देकर भारतीयों अफसरों ने नेकी की मिसाल पेश की है।
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लद्दाख क्षेत्र में चीन की तरफ से लगातार हो रही अवैध कार्रवाई और नेपाल का चीन की तरफ अधिक झुकाव बीते दिनों भारत के लिहाज से बहुत अच्छा नहीं रहा। इसी बीच नेपाल के प्रधानमंत्री की तरफ से कुछ ऐसे विवादित बयान भी दिए गए जिससे दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई। तराई क्षेत्र के व्यापारी और लोगों ने नेपाल की इस हरकत पर कड़ा ऐतराज जताया था। भारतीय क्षेत्र से लगने वाले नेपाल के काफी लोग भारत में आकर रोजी-रोटी कमाते हैं। लेकिन कोरोना महामारी के दौर में सभी वापस अपने वतन लौट गए थे। जो पूंजी बचाकर रखी थी उसी से गुजारा हुआ। अब न तो पूंजी बची है और न ही घर में अनाज। नेपाल की अर्थव्यवस्था पहले से ही रसातल में है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10 सितंबर से अब तक तकरीबन 2500 लोगों ने भारत की सीमा में प्रवेश कर विभिन्न शहरों में काम की तलाश शुरू कर दी है। यह तो एक बानगी भर है। ऐसे ही हजारों लोग अपनी बारी के इंतजार में सीमा खुलने का इंतजार कर रहे हैं। नेपाल स्थित पुलिस कार्यालय जमुनहा के पुलिस प्रमुख विष्णु गिरी ने बताया कि जो 2500 लोग भारत में रोजगार तलाश करने गए हैं। इनके पास भारतीय आधार कार्ड होने से इन्हें जाने में सहूलियत मिल गई है। पिछले दस दिनों में लगभग 300 लोग प्रतिदिन कार्यालय आए और उनके दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद उनको भेजने की प्रक्रिया अपनाई गई है। इन लोगों को भारत में प्रवेश देकर भारतीय अधिकारियों ने मानवता की मिसाल पेश की है।
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कोई सरकार खत्म नहीं कर सकती लोगों का लोगों से जुड़ाव
भारत आने वाले नगर पालिका 4 दैलख नेपाल निवासी दीपक थापा और तमारे सल्लयान निवासी राम बहादुर बीके ने बताया कि दोनों देशों की सरकार के बीच अभी कुछ अनबन जरूर है लेकिन यह स्थाई नहीं है। दोनों देशों ने मित्रता की अनूठी मिसाल हमेशा से पेश की है। आगे भी यह जारी रहेगा। लोगों से लोगों का जुड़ाव कोई भी सरकार खत्म नहीं कर सकती है। भारत से नेपाल का जुड़ाव रोटी-बेटी का है। दोनों ने बताया कि वह शिमला में एक निजी प्रतिष्ठान में काम करते हैं। अब दोनों वहीं जाएंगें।
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