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एक माह में मिले हेपेटाइटिस बी के 24 रोगी, हड़कंप

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बहराइच। जिले के करीब एक हजार लोगों के ब्लड की जांच मेडिकल कॉलेज में हुई है। ब्लड जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए है। सितंबर माह में ही हुई खून की जांच में 24 लोग हेपेटाइटिस बी से ग्रसित मिले। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सभी रोगियों में हेपेटाइटिस की पुष्टि होने के बाद उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। लेकिन इतनी संख्या में एक माह में ही हेपेटाइटिस के रोगियों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग के प्रचार-प्रसार पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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जिले में रोगों को मिटाने व स्वास्थ्य योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग भी गांवों में कैंप लगाकर स्वास्थ्य योजनाओं से ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद जिले में कई रोगों के मरीज बढ़ रहे हैं। सितंबर में जिले के लगभग 1120 लोगों की जांच मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में हुई है।
इसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। सितंबर में ही 1120 लोगों की जांच में 24 लोगों में हेपेटाइटिस बी पाजिटिव मिला। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी रोगियों का पंजीकरण कर उनका इलाज शुरू किया गया।
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लेकिन सिर्फ एक माह की ही जांच में इतनी संख्या में हेपेटाइटिस रोगियों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग के जागरूकता अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही विभाग के पंजीकृत संस्थाओं के अभियान पर उंगली उठनी शुरू हो गई है। एक माह में ही 24 हेपेटाइटिस रोगी मिले हैं तो एक वर्ष में इन रोगियों की संख्या कितनी होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
पांच प्रकार का हेपेटाइटिस
जिला अस्पताल के फिजिशयन डॉ. पारितोष तिवारी ने बताया कि हेपेटाइटिस रोग पांच प्रकार के होते हैं। इनमें हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई होते हैं। इनमें बी और सी हेपेटाइटिस रोग सबसे खतरनाक होता है।
हेपेटाइटिस का कारण
फिजीशिन डॉ. पारितोष ने बताया कि हेपेटाइटिस रोग जिन व्यक्तियों को होता है। उनके संक्रमण से दूसरे में फैलता है। जैसे असुरक्षित सेक्सुअल रिलेशन, आईवी ड्रग का ग्रुप में सेवन, संक्रमित ब्लड चढ़ाने से फैलता है।
रोग की पहचान
भूख न लगना, थकान लगना, कमजोरी महसूस होना, उल्टी, सिर दर्द लगातार बना रहने के साथ पीलिया होने पर लोग तुरंत जांच कराएं। यह हेपेटाइटिस बी रोग की पहचान है। जिनमें यह रोग मिले, वह तुरंत चिकित्सकों से मिले। रोग का पता चलने पर एंटी वायरल ड्रग से इलाज संभव है।
टीका ही बचाव, स्वास्थ्य केंद्रों पर है सुविधा
सितंबर की जांच में 24 लोगों में हेपेटाइटिस बी पाजिटिव आया है। इसकी जानकारी हुई है। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टीका व बचाव ही मुख्य इलाज है। जिन्हें हेपेटाइटिस की बीमारी है। वह चिकित्सकों से संपर्क में रहें। बचपन में ही बच्चों को टीकेे लगवाएं। जिससे इस रोग पर अंकुश पाया जा सके। इसके लिए जागरूकता अभियान में तेजी लाया जाएगा।
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- डॉ. सुरेश सिंह, सीएमओ
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