बहराइच। लॉकडाउन में दूसरे प्रांतों में फंसे प्रवासी कामगारों को जिले में लाने का सिलसिला जारी है। रविवार को गैर प्रांतों से लाए गए 2307 प्रवासी कामगार रोडवेज बसों से चार सेंटरों पर पहुंचे। यहां पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
इसके बाद उंगलियों में इलेक्शन में प्रयोग करने वाली स्याही लगाकर घर भेज दिया गया। इन सभी को होम क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में पहुंचने वाली टीमें इनकी पहचान इलेक्शन की स्याही से ही करेंगी।
लॉकडाउन में महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में प्रवासी कामगार फंसे हुए थे। इनको विशेष ट्रेनों से यूपी सरकार ने लखनऊ तक लाने की व्यवस्था की थी। इसके बाद प्रवासी कामगारों को रोडवेज बसों से जिले में भेजा गया है।
प्रवासी कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए जिले में चार सेंटर बनाए गए हैं। इसमें फखरपुर बाजार के साथ ही शहर के लखनऊ रोड स्थित बुद्धा स्कूल, किसान डिग्री कॉलेज और पयागपुर तहसील में सेंटर बनाए गए हैं। रविवार को विभिन्न प्रांतों से 2307 मजदूर बहराइच पहुंचे।
इन कामगारों की थर्मल स्क्रीनिंग सेंटरों पर की गई। इन सभी मजदूरों के हाथ की उंगलियों पर इलेक्शन में प्रयोग की जाने वाली स्याही लगाई जा रही हैं। गांवों में पहुंचने वाली टीमें इनकी पहचान इलेक्शन की स्याही से ही करेंगी।
कामगारों की स्क्रीनिंग के कार्य का निरीक्षण रविवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर टीएन दूबे ने किया। सीओ ने सभी मजदूरों को घर पर करीब 14 दिनों तक होम क्वारंटीन रहने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस कर्मियों को सुरक्षा के प्रति सतर्क भी किया गया।
नोडल अधिकारी प्रगल्भ लवानिया ने बताया कि प्रवासी कामगार लगातार आ रहे हैं। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग सेंटरों पर की जा रही है, जिसके बाद उनकी उंगलियों में इलेक्शन की स्याही लगाकर घर भेज दिया जा रहा है। इससे गांवों में पहुंचने वाली टीम को पहचान करने में दिक्कत न हो।