बहराइच। सुजौली थाना क्षेत्र के फकीरपुरी समेत छह गांवों के करीब 300 लोगों ने ईसाई मिशनरियों के बहकावे में आकर अपना धर्म बदल लिया था। इसकी जानकारी मिलने पर आरएसएस व हिंदू संगठनों के साथ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। बुधवार को आरएसएस समेत हिंदू संगठनों के लोगों ने इन ग्रामीणों को समझाकर हिंदू धर्म में घर वापसी कराई। मौके से बाइबिल व मिशनरियों की तमाम पुस्तकें मिली हैं।
मोतीपुर तहसील के सुजौली थाना क्षेत्र के फकीरपुरी और विशुनापुर गांव के साथ ही राना फार्म, मटेही, भैंसाही, आंबा हर्रैर्या और कोहली गांव के करीब 300 लोगों ने मिशनरियों के बहकावे में आकर कुछ दिन पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। इसके बाद ईसाई मिशनरी के लोग गांव में और सक्रिय हो गए। यहां प्रार्थना सभा व अन्य आयोजन होने लगे।
गांव के कुछ लोगों से इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, सीओ अरुणचंद्र, प्रभारी निरीक्षक रामजी यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा धर्म परिवर्तन करने से इंकार कर दिया था। बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की टीम इन गांवों में पहुंची। हिंदू संगठनों के लोगों ने ग्रामीणों से वार्ता की।
सभी ने ग्रामीणों को समझाते हुए हिंदू धर्म का महत्व बताया। इस पर 21 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर पुन: हिंदू धर्म अपना लिया। शपथपत्र देकर पुन: धर्म परिवर्तन न करने की बात भी कही। थारु समुदाय के इन लोगों ने कहा कि वे सभी महाराणा प्रताप के वंशज हैं। ऐसे में धर्म बदलकर गद्दारी नहीं कर सकते। गांव से बाइबल समेत ईसाई मिशनरियों की कई पुस्तकें मिली हैं।
वहीं, मंगलवार शाम डीएम-एसपी चौपाल लगाने के बहाने नब्ज टटोलने मिहीपुरवा ब्लॉक के फकीरपुरी गांव पहुंचे। ग्रामीणों से बंद शब्दों में किसी के बहकावे में न आने की बात कही। डीएम शंभु कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि आप लोग किसी के बहकावे में न आएं। यदि आप लोगों को कोई भी झाड़फूंक से ठीक करने की बात कहे या अंधविश्वास फैलाए तो उससे दूर रहें। इसकी सूचना जिला व पुलिस प्रशासन को दें।
एसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने ग्रामीणों को बताया कि मैं डॉक्टर रह चुका हूूं और अब आपके जिले का एसपी हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अगर कोई बीमारी है तो किसी झाड़फूंक से नहीं बल्कि दवा से ठीक होगी। इस मौके पर एसडीएम मोतीपुर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, सीओ अरुण चंद्र, परियोजना निदेशक डीआरडीए अनिल सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।