43 डिग्री पर स्थिर रहा पारा, गर्मी से बेहाल
घरों से छाता लेकर बाहर निकलीं महिलाएं
बहराइच। तराई में गर्मी से निजात नहीं मिल रही है। सूरज की तपिश और गर्मी लोगों को बेहाल किए हुए है। तराई का पारा रविवार को भी 43 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा। ऐसे में घर से बाहर निकलने पर सभी को झुलसन का अहसास हुआ। महिलाएं घरों से छाता लेकर और मुंह ढककर निकलने को मजबूर रहीं।
तराई में मौसम का उतार-चढ़ाव लोगों को बेहाल किए हुए है। रविवार सुबह अचानक निकली धूप के बाद मौसम ने अंगड़ाई ली थी। तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। बदली का मौसम बन गया। लेकिन आसमान पर छाए बादलों ने निराश किया। हालांकि शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई। स्थिति यह है कि शनिवार को भी सुबह से ही चिलचिलाती धूप का सामना लोगों को करना पड़ा। जिससे उमस और चिपचिपाहट से लोग बेहाल रहे। नरेंद्रदेव कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि इस समय जो छिटपुट वर्षा हो रही है, वह क्षेत्रीय विक्षोभ का परिणाम है। उन्होंने कहा कि तराई में सप्ताह भर बाद मानसून की दस्तक पर ही वर्षा की उम्मीद है। डॉ. सिंह ने कहा कि रविवार को बहराइच का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्र्दता 55 प्रतिशत रही। जिससे उमस और चिपचिपाहट का अहसास हो रहा है। उन्होंने कहा कि तराई का मौसम सूखा होने के चलते किसानों को खेतों की सिंचाई बराबर करते रहना होगा, जिससे कि फसलों को नुकसान न हो।