रिसिया/बाबागंज (बहराइच)। तराई में हो रही झमाझम बरसात से किसानों का सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया है। करीब दो सौ क्विंटल से अधिक गेहूं के भीगने के कारण बर्बाद होने की आशंका है। हालांकि अधिकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं भीगने का दावा कर रहे हैं।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने एक अप्रैल से जिले में गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे। गेहूं की खरीद शुरू तो हो गई, मगर खरीदे गए गेहूं की उठान क्रय केंद्रों से नहीं की जा रही। जिसके कारण केंद्रों पर पॉलीथिन लगाकर किसी तरह गेहूं को बरसात से बचाने की जुगत केंद्र प्रभारी कर रहे हैं।
रिसिया मंडी में खाद्य विभाग और मंडी समिति के क्रय केंद्र पर करीब सौ क्विंटल से अधिक गेहूं रविवार को हुई बरसात में भीग गया। जबकि यही हाल बाबागंज के क्रय केंद्र का रहा। कुल करीब दो सौ क्विंटल गेहूं भीगने से बर्बाद होने की आशंका है। इस बारे में डिप्टी आरएमओ संजीव सिंह का कहना है कि क्रय केंद्रों पर बारिश से बचाने के लिए गोदाम का इंतजाम है। ऐसे में केंद्रों पर गेहूं भीगने की संभावना ही नहीं है। अगर कहीं पर दिक्कत आई है, तो उसे देखकर जांच कराई जाएगी। जो दोषी होगा, उस पर कार्रवाई भी तय होगी।