घटनास्थल पर दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त ऑटो जिसमेंसवार थे मृतक व घायल।
बहराइच। ओवरलोड होकर फर्राटा भरने वाले ऑटो-टेंपो व डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई का परिवहन व पुलिस विभाग कागजी ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन धरातल के हालात जुदा होते हैं। सख्ती न होने के कारण ऐसे वाहन यात्रियों की जान दांव पर लगाकर दौड़ रहे हैं।
गोंडा-बहराइच हाईवे पर क्षमता से तीन गुना से भी ज्यादा सवारियां लेकर जा रहा ऑटो हादसे का शिकार हो गया और पांच जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ गईं। जानकारी के मुताबिक, छह सीटर ऑटो में 20 सवारियां बैठाई गई थीं। ओवरलोड ऑटो 18 किमी तक का सफर करता है, लेकिन इसे कहीं रोका-टोका नहीं गया। गोंडा-बहराइच हाईवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस से इसकी टक्कर हो गई।
ऑटो को टक्कर मारने वाली बस कॉन्ट्रैक्ट परमिट पर गोंडा से दिल्ली के बीच चलती है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस ओवरलोड थी और उसकी रफ्तार तेज थी। यही वजह रही कि ऑटो को देखने के बाद भी चालक बस को नियंत्रित नहीं कर सका। इधर, ऑटो में भी 20 सवारियां बैठी थीं। आगे चालक सहित तीन लोग सवार थे। ऐसे में ठीक से वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। इसी का नतीजा रहा कि ऑटो व बस में जोरदार टक्कर हो गई और पांच लोगों की जान चली गई।
यातायात व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ट्रैफिक पुलिस व परिवहन विभाग का यह हाल है कि इनके अफसर महज कुछ बैटरी रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर अपना कोटा पूरा कर लेते हैं।