बहराइच। रिसिया क्षेत्र के बभनी सैदा गांव निवासी दो दोषियों को बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट ने 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों को 51-51 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषियों को पांच-पांच माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगा।
रिसिया क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि वह अपनी छोटी बहन के साथ गांव स्थित एक मंदिर में 25 अगस्त, 2016 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर प्रसाद लेने जा रही थीं। इस दौरान रास्ते में बभनी सैदा गांव निवासी आजाद व अख्तर अली ने उनको जबरन पकड़कर घर में ले गए। आजाद ने बाहर निकलकर दरवाजा बंद कर दिया, जबकि अख्तर ने उनके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना के दौरान दोनों बहनें नाबालिग थीं।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अख्तर व आजाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में सौंपा था। कोर्ट ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए मुकदमे की सुनवाई शुरू की थी। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट ने मुकदमे में गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।