बहराइच। रेशम उद्योग एवं खादी ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव चौधरी ने कहा कि बहराइच में रेशम धागाकरण इकाई की स्थापना होगी। रेशम उत्पादन के क्षेत्र में बहराइच को मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जाएगा।
उन्होंने इकाई स्थापना के लिए अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा। मंत्री ने कहा कि रेेशम धागाकरण इकाई की स्थापना से जिले में रोजगार बढ़ेगा।
मंत्री सत्यदेव पचौरी गुरुवार को जिले के लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचे। बैठक में मंत्री ने कहा कि जनपद में रेशम उद्योग की संभावना अधिक है।
बेरोजगार नवयुवक, गरीब महिलाओं को घर एवं कृषि का कार्य करते हुए रेशम आधारित उद्योग से जोड़ा जाएगा। बैठक में सहायक निदेेशक रेशम ने बताया कि जिले में डुपियन सिल्क धागा के उत्पादन के लिए कोई मशीन नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्पादित कोया का धागा तैयार कराकर वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) कराया जाना प्रस्तावित है। इसके बाद मंत्री ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की समीक्षा की।
समीक्षा में प्रगति संतोषजनक न मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिया कि बैंकों से समन्वय स्थापित पर प्रगति में अपेक्षित सुधार लाएं।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी, खादी ग्रामोद्योग देवीपाटन मंडल हरीराम सिंह, उपनिदेशक रेशम देवीपाटन मंडल सत्येंद्र सिंह, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आरएस श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
जिले के हस्तशिल्पी लखनऊ प्रदर्शनी में होंगे शामिल
मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि ‘एक उत्पाद, एक योजना’ के तहत अगस्त माह में लखनऊ में तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे।
उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया कि एक जनपद एक उत्पाद योजना अंतर्गत आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में जिले के अधिक से अधिक हस्तशिल्पियों को लेकर लखनऊ पहुंचे।