गुरु की कृपा से नहीं कुछ असंभव
गुरु पूर्णिमा पर बेरिया समय माता मंदिर में उमड़े लोग
बहराइच। तीन लोक नौ खंड में, गुरु से बड़ा न कोय। कर्ता करै न कर सकै, गुरु करै सो होय। यानी गुरु की महिमा अनंत व असीम है। इसका वर्णन शब्दों में किया जाना संभव नहीं है। गुरु की कृपा होने पर कुछ भी असंभव नहीं रहता। जिले में गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया गया। चित्तौरा विकासखंड में बेरिया समय माता मंदिर पर मेले का आयोजन हुआ। राणीसती मंदिर व रेड़ालाल गांव में भी गुरु पूजन परंपरा का निर्वहन किया गया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिरों में पूजा-अर्चना हुई। आरएसएस की ओर से माधवपुरी सरस्वती विद्या मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखंड परम धाम सेवा समिति की ओर से डालमिया धर्मशाला में गुरु पूजन का आयोजन किया गया।
आषाढ़ मास का अंतिम दिन गुरु पूर्णिमा पर्व के रूप में मनाया जाता है। रविवार सुबह से गुरु पूजन का कार्यक्रम जगह-जगह आयोजित हुआ। बेरिया में समय माता मंदिर पर पूजन अर्चन के लिए सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। परंपरागत तरीके से मेला लगा। यहां पर पुजारी गणेशपुरी की अगुवाई में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की। मेला परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से गुरु पूर्णिमा उत्सव के तहत सरस्वती विद्या मंदिर माधवपुरी के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आरएसएस के प्रांत व्यवस्था प्रमुख बाबूलाल ने कहा कि गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम स्वयंसेवकों को राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि संघ संस्थापक डॉ. हेड़गेवार ने किसी व्यक्ति को गुरु न मानकर भगवा ध्वज को गुरु के पद पर प्रतिष्ठित किया।
सह नगर संघ चालक अर्जुन कुमार दिलीप, विभाग कार्यवाह हनुमान प्रसाद यादव, सहकारिता मंत्री मुकुटबिहारी वर्मा, जिला प्रचारक राहुल, जिला संपर्क प्रमुख ललित दीक्षित आदि मौजूद रहे। अखंड परमधाम सेवा समिति की ओर से गुरू पूर्णिमा के अवसर पर डालमिया धर्मशाला में गुरू पूजन का आयोजन किया गया। सभी ने महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद महाराज का पूजन-अर्चन किया। इसके बाद पप्पू महाराज व वैभव श्रीवास्तव की मंडली ने सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया।