दहेज हत्या में पिता व दो पुत्रों को 10 साल की सजा
बहराइच। दहेज हत्या के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने सुनवाई करते हुए पिता व दो पुत्रों को 10-10 साल की सजा सनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
दीवानी कचहरी के डीजीसी क्रिमनल संत प्रताप सिंह ने बताया कि नवाबगंज थाना अंतर्गत नवाबगंज निवासी रामकुमार वर्मा ने अपनी पुत्री रीना देवी का विवाह इसी थाना क्षेत्र के ढोढ़े गांव निवासी दिनेश कुमार वर्मा के साथ किया था। रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर में कहा था कि विवाह के बाद से बेटी को ससुराल के लोग प्रताड़ित करते थे। 16 मई 2011 को बेटी रीना को मायके से ससुराल के लोग विदा कराकर ले गए। उसी दिन बाइक व अन्य दहेज की मांग को लेकर पुन: रीना को मारापीटा और फिर गला दबाकर मार डाला। मायके को बिना सूचना दिए उसके शव को जला दिया गया। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी पति दिनेश कुमार, उसके पिता रामादल व भाई सालिकराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई दीवानी कचहरी में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम नंदप्रताप ओझा ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दहेज हत्या के मामले में न्यायाधीश ने पिता व दोनों पुत्रों को 10-10 साल के सश्रम कारावास व अलग-अलग मामलों में 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। न्यायाधीश ने कहा कि जुर्माना न अदा करने पर सभी को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।