बहराइच। बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें शहर के रायपुर राजा वार्ड समेत दस इलाकों को बाल श्रम से मुक्त घोषित करने का निर्णय लिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद चौहान ने नया सवेरा योजना के तहत बाल श्रम मुक्त घोषित होने वाले प्रस्तावित ग्रामों तथा शहरी वार्डों, बाल श्रम उन्मूलन अभियान तथा बंधुआ श्रम उन्मूलन की स्थिति की समीक्षा की। श्रम प्रवर्तन अधिकारी विश्वदेव भारती तथा तकनीकी रिसोर्स पर्सन सत्येंद्र पांडेय ने श्रम विभाग द्वारा संचालित नया सवेरा योजना के विषय में बताया कि योजना के तहत जनपद के 36 क्षेत्र बाल श्रम से प्रभावित हैं, जिसमें से 10 क्षेत्रों चित्तौरा से नगरौर, खलीलपुर, कुरवारी माफी, मुरावपुरवा, अजातपुर, रायपुर तथा महसी से बंभौरी, साधुवापुर, मासाडीहा और नगर वार्ड से रायपुर राजा को बाल श्रम मुक्त घोषित होने के लिए चयनित किया गया है।
इन क्षेत्रों में चयनित 127 कामकाजी बच्चों का नामांकन शिक्षा विभाग एवं पंचायत के सहयोग से विद्यालयों में विभिन्न कक्षाओं में कराया गया है और जन जागरूकता के लिए चरणबद्ध तरीके से सामुदायिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसी के तहत चयनित क्षेत्रों में विद्यालय प्रबंध समिति, बाल संरक्षण समिति और विकास खंड स्तर पर बैठक के बाद ग्राम बाल श्रम मुक्त घोषित होने के लिए प्रस्तावित हुए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि बाल श्रम उन्मूलन पर किये जा रहे संबंधित कार्यों से नियमित अंतराल पर एसडीएम को अवगत कराते रहें। साथ ही जून से प्रस्तावित बाल श्रम उन्मूलन अभियान के लिए टास्क फोर्स का गठन सुनिश्चित कराएं और समय-समय पर बाल श्रम उन्मूलन के लिए अभियान चलाएं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी पेंसिल पोर्टल के विषय में भी चर्चा हुई। इस मौके पर एडीएम रामसुरेश वर्मा, एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती, जिला प्रोबेशन अधिकारी वीरेंद्र चौधरी, बीएसए एसके तिवारी, सीओ सदर टीएन दूबे आदि मौजूद रहे।