मोतीपुर (बहराइच)। मुर्तिहा रेंज में स्थित लक्कड़ शाह बाबा की मजार पर लगने वाला जेठ मेला सात जून को लगेगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेला कमेटी के पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। मेले की सुरक्षा के लिए मोतीपुर, मुर्तिहा तथा सुजौली पुलिस को जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों ने सौंपी है। मेले में जायरीन के ठहरने के लिए व्यवस्था की गई है। मेले में दूरदराज से आकर दुकानें लगने लगी हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज में सैयद हाशिम अली शाह उर्फ लक्कड़ शाह की मजार स्थापित है। दरगाह प्रबंध समिति के सेेक्रेट्री इसरार अहमद ने बताया कि दरगाह में प्रतिवर्ष लगने वाला जेठ मेला इस बार शुक्रवार को लगेगा। उन्होंने बताया कि मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दरगाह परिसर की सफाई के साथ रंगाई-पोताई की गई है।
उन्होंने बताया कि मेले की औपचारिक शुरुआत फजिर नमाज के बाद कुलशरीफ के कार्यक्रम से होगी। इसके बाद नातिया, मुशायरा, कव्वाली, लंगर का कार्यक्रम चलेगा। मजार शरीफ पर जायरीन का प्रवेश दक्षिण दिशा में स्थित मुख्य दरवाजे से किया जाएगा। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने पेयजल की समुचित व्यवस्था की है। मेले की व्यवस्था देखने के लिए कमेटी द्वारा वालेंटियर्स की व्यवस्था की गई है।
मालूम हो कि मेले में देश के विभिन्न प्रांतों के अलावा नेपाल के भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचकर लक्कड़ शाह की मजार पर गागर-चादर पेश करते हैं। सीओ अरुण चंद्र ने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए मुर्तिहा, मोतीपुर व सुजौली पुलिस को लगाया गया है। इसके अलावा एसएसबी के जवान भी तैनात रहेंगे।
मेले में बना खोया-पाया केंद्र
सेक्रेट्री इसरार अहमद ने बताया कि मेले में काफी संख्या में जायरीन अपने छोटे बच्चों के साथ आते हैं। लेकिन चूक के कारण वह परिवारीजनों से बिछड़ जाते हैं। इसके लिए मेले में खोया-पाया केंद्र की स्थापना की गई है। पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गायब बच्चों को मिलवाने के लिए खोया-पाया केंद्र मदद करेगा।