बिछिया(बहराइच)। निशानगाड़ा रेंज में लोहरा कारीकोट गांव के निकट गन्ने के खेत में गुरुवार की रात नेपाली हाथियों का झुंड पहुंच गया। हाथियों ने उत्पात मचाते हुए 10 बीघा गन्ने की फसल को रौंद कर तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों के हांका लगाने पर हाथी दो घंटे बाद जंगल की ओर गए, तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस मामले में रेंज कार्यालय पर सूचना दी गई है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज अंतर्गत लोहरा कारीकोट गांव जंगल से सटा हुआ है। गुरुवार की रात करीब दस बजे गांव के लोग सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें हाथियों की चिंघाड़ सुनाई पड़ी। इस पर गांव के लोग हांका लगाते हुए और ढोल पीटते हुए घरों से बाहर निकल आए। ग्रामीणों के शोर पर हाथी गांव की ओर तो नहीं बढ़े, लेकिन हाथियों के झुंड ने गांव निवासी बलदेव सिंह के गन्ने के खेत में जमकर उत्पात मचाया।
खेत में लगी 10 बीघा गन्ने की फसल को रौंदकर हाथियों ने तहस-नहस कर दिया। गांव के लोग शोर मचाते हुए गोले पटाखे दगाते रहे, फिर भी हाथियों का झुंड दो घंटे तक खेत में मौजूद रहा। देर रात झुंड जंगल की ओर गया, तब लोगों ने राहत की सांस ली। इससे परेशान ग्रामीणों ने सूचना रेंज कार्यालय पर दी है, लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नही पहुंचा है। डीएफओ जीपी सिंह ने कहा कि हाथियों के उत्पात की सूचना मिली है। जांच करवाकर मुआवजा दिया जाएगा।