बहराइच। शहर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता ने बीएसए से विभिन्न विषयों की सूचना मांगी थी। मगर समयावधि पूरी होने के बाद भी बीएसए द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही वह राज्य सूचना आयोग के समक्ष पेश हुए। इस पर आयोग ने बीएसए पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए ये रकम उनके वेतन से काटने के निर्देश दिए हैं।
कोतवाली देहात के जगतापुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रोशनलाल नाविक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से सूचना मांगी थी। उन्होंने बीएसए को पत्र भेजकर प्राथमिक विद्यालय बड़ीहाट प्रथम नगर क्षेत्र के अध्यापकों, कर्मचारियों का नाम, पदनाम व अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों की संख्या, उपस्थिति पंजिका की प्रमाणित छायाप्रतियां मांगी थीं। मगर बीएसए द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
इस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने 18 फरवरी 2020 को राज्य सूचना आयुक्त के यहां वाद दायर किया। आयुक्त ने एक माह में सूचना देने का निर्देश दिया। मगर बीएसए ने सूचना नहीं दी। एक वर्ष बीतने पर आयोग ने चार जनवरी 2021 को बीएसए को तलब किया। मगर बीएसए आयोग नहीं पहुंचे। इस पर राज्य सूचना आयुक्त अजय कुमार उप्रेती ने बीएसए पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि बीएसए के वेतन से काटने के लिए आयोग ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को पत्र भेजा है।