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कबाड़ में शिक्षा का सौदा: 15,593 सरकारी किताबें गायब, जांच में हर रोज नए खुलासे; कार्रवाई की जद में कई अफसर

Sun, 22 Feb 2026 11:48 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

बहराइच में कबाड़ के यहां ट्रक भर सरकारी किताबें मिलने की जांच में हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं।  15,593 सरकारी किताबें गायब हैं। कार्रवाई की जद में कई अफसर आ सकते हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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ट्रक में लदी सरकारी किताबें। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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यूपी के बहराइच में सरकारी किताबें कबाड़ी को बेचने के मामले में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अब जांच में यह बात लगभग साफ हो गई है कि बेसिक शिक्षा विभाग के भंडार गृह से करीब 15,593 किताबें नदारद हैं। बड़ा सवाल यह है कि कबाड़ी की दुकान पर मिलीं किताबें क्या इसी गोदाम की थीं या फिर किसी और जगह से लाई गई थीं। इसी बिंदु पर जांच अब भी उलझी हुई है।

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16 फरवरी को मुरादाबाद का एक ट्रक लखीमपुर की ओर से बहराइच लाया गया था। जानकारी मिली कि उसमें परिषदीय विद्यालयों की लाखों रुपये की किताबें भरी थीं। मामला सामने आते ही जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जांच समिति गठित कर दी। जांच में पाया गया कि जिला मुख्यालय स्थित पुस्तकों के भंडार गृह में किताबों की सही तरीके से रिसीविंग नहीं की गई थी और न ही सुरक्षा का समुचित इंतजाम था।

संविदा समाप्त कर दी गई

गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद अनुचर आलोक कुमार और शफीक अहमद को निलंबित कर दिया गया। साथ ही अनुदेशक अतुल कुमार सिंह, सामुदायिक सहभागिता समन्वयक आशुतोष सिंह और स्पेशल एजुकेटर दीपक कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई।

प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी नगर डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रंजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।



जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि 15,593 किताबें भंडार गृह से नदारद हैं। इससे विभागीय अधिकारी सकते में है। अब यह भी जांच का विषय है कि ट्रक पर लदीं किताबें बहराइच की थीं या किसी अन्य जिले से लाई गई थीं। इस मामले में बीएसए आशीष सिंह का कहना है कि गायब किताबों का सत्यापन किया जा रहा है।
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कार्रवाई की जद में आ सकते हैं कई और...

लेखाधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सुरक्षा एवं संरक्षण समिति में शामिल किए जाने की कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई थी, इसलिए वे जिम्मेदारी से खुद को अलग बता रहे हैं। हालांकि जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। ऐसे में संभावना है कि जांच आगे बढ़ने पर कुछ और जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

कबाड़ी और ट्रक चालक को खोजने में पुलिस बेहाल

सरकारी किताबों की खरीद-फरोख्त के आरोपी कबाड़ी दिलशाद और मुरादाबाद के ट्रक चालक 16 फरवरी से लापता हैं। पुलिस ने उनकी तलाश में तीन टीमें गठित की हैं। रामगांव थानाध्यक्ष गुरुसेन सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन दोनों का अब तक सुराग नहीं लग सका है। उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम का भी सहारा लिया जा रहा है।
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