पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के इतने दिन बाद कैश की किल्लत दूर होने के बजाय बढ़ती जा रही है। जिले की 69 बैंक शाखाओं में पांच दिन से और 80 बैंक शाखाओं में दो दिन से कैश नहीं है। इसके चलते बैंक कार्यालय तक नहीं खुल रहे हैं। कैश न मिलने से परेशान बैंक ग्राहक मंगलवार को भी कई जगह भड़के।
गजाधरपुर, पयागपुर और रुपईडीहा में सड़क जामकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इससे लखनऊ-बहराइच मार्ग पर दो घंटे तक वाहनों का संचालन ठप रहा। पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। कई अन्य स्थानों पर कैश नहीं मिलने पर प्रदर्शन और झड़पें हुईं। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह समझाकर लोगों को शांत कराया।
जिले में विभिन्न बैंकों की 170 शाखाएं हैं। नोट बंदी के बाद से बैंकों में भुगतान की व्यवस्था बेपटरी हैं। फखरपुर में गजाधरपुर बाजार स्थित इलाहाबाद बैंक पांच दिन से नहीं खुली है। मंगलवार सुबह भी ग्राहक कैश निकालने के लिए बैंक के सामने लाइन में लगे लेकिन 11 बजे तक बैंक नहीं खुला तो वे भड़क गए।
उन्होंने लखनऊ-बहराइच मार्ग जामकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सैकड़ों लोग मार्ग पर बैठ गए। इससे बहराइच और लखनऊ जाने वाले वाहनों के चक्के थम गए। दो घंटे तक प्रदर्शन चला जिससे अफरातफरी मच गई। दोनों तरफ पांच-पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर फखरपुर, कैसरगंज और कोतवाली देहात की पुलिस पहुंची।
प्रदर्शनकारी बैंक अधिकारियों को बुलाने पर अड़े थे। पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले। बैंक अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों की वार्ता करवाई। बुधवार को पर्याप्त कैश आने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। सवा एक बजे के आसपास जाम खुला। उधर पयागपुर में बैंक आफ बड़ौदा शाखा में एक घंटे में ही पैसा खत्म हो गया।
इससे वहां भी लोगों ने नारेबाजी व प्रदर्शन किया। गोंडा-बहराइच मार्ग पर लकड़ी के लट्ठे डाल वाहनों को रोक लिया। एक घंटे तक जाम प्रदर्शन के बाद पहुंचे थानाध्यक्ष अनिल यादव ने स्थिति को संभाला। रुपईडीहा में बाबागंज स्थित इलाहाबाद बैंक में कैश नहीं मिलने पर खाताधारकों ने नानपारा-नेपालगंज अंतरराष्ट्रीय मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया।