जिले में आग की लपटों का कहर नहीं थम रहा है। शुक्रवार को आग लगने से 14 ग्रामीणों के आशियाने व उनमें रखा सारा सामान जल गया। हादसे में 14 लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। वहीं, आग लगने से 20 बीघा गेहूं की फसल भी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
मोतीपुर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत सर्राकला के मजरा कसौजी निवासी रमाशंकर पुत्र रामबदन के घर में शुक्रवार को सुबह अज्ञात कारणों से आग लग गई। परिवार के लोगों ने भागकर जान बचाई। चीख पुकार सुनकर जब तक गांव के लोग दौड़े, तब तक आग की लपटों ने पड़ोसी अमरजीत व रणजीत के मकान को भी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर किसी तरह आग को फैलने से रोका। लेकिन इस दौरान लपटों ने रमाशंकर के घर के पास स्थित खलिहान में रखी 15 बीघा गेहूं की फसल को भी चपेट में ले लिया, जिससे पूरी गेहूं की फसल जल गई।
अग्निकांड में पांच लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। उधर, पयागपुर के छेदीपुरवा गांव निवासी विशंभर के घर में लगी आग से पड़ोसी ननके, राघव, माता प्रसाद, लालू और भगेलू के मकान व उनमें रखा सारा सामान जल गया। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई।
वहीं, कैसरगंज के गोड़हिया गांव में आग लगने से शंकर, जगरूप, कैलाश, तीरथ और बउरा के मकान जल गया। यहां पर शंकर की पांच बीघा गेहूं की फसल भी आग से जलकर राख हो गई। सभी स्थानों पर अग्निकांड की सूचना तहसील को दे दी गई है, लेकिन कोई भी राजस्वकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि जिन ग्रामीणों के मकान जले हैं। क्षेत्रीय राजस्वकर्मियों से मुआयना करवाकर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
आग लगने से कसौंजी गांव निवासी रामाशंकर के घर में रखे आठ हजार रुपये जल गए। वहीं, छेदीपुरवा निवासी विंशंभर व ननके के 11-11 हजार रुपये जल गए। जबकि शंकर के भी 10 हजार रुपये आग की भेंट चढ़ गए।