बौंडी (बहराइच)। घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से कटान तेज हो गई है। नदी का जलस्तर घटने के कारण कैसरगंज के भिरगूपुरवा के 13 मकान और गड़रियनपुरवा में एक मकान घाघरा में समा गया। कटान तेज होने से लोगों में हड़कंप मचा है। ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। उधर, रोहितपुरवा और मंझारा तौकली में करीब 150 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में कट गई। महसी के बौंडी के स्पर नंबर एक के पास भी नदी ने तेजी से कटान शुरू कर दी है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही तेज बरसात से घाघरा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। घाघरा नदी भिरगूपुरवा गांव को पूरी तरह लीलने के लिए बेताब दिख रही है। कैसरगंज तहसील के अंतर्गत भिरगूपुरवा गांव में प्रतिदिन कटान हो रही है। लोग गृहस्थी का सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
शुक्रवार को गांव निवासी बसंतू, राधेश्याम, जगजीवन, दुलारे, पतीराम, ननकऊ, टिंकू, प्रभाती समेत लगभग 13 लोगों के आशियाने नदी में कटकर समा गए। उधर, पास के ही गड़रियनपुरवा गांव पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। नदी ने कटान करते हुए गांव निवासी जगदंबा के मकान को समाहित कर लिया है।
तहसील क्षेत्र के ही रोहितपुरवा व मंझारा तौकली गांव में भी घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। दोनों गांवों की करीब 150 बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा की कटान की भेंट चढ़ गई है। उधर, महसी के बौंडी के स्पर नंबर एक के पास घाघरा नदी ने कटान शुरू कर दी है, जिससे आसपास के गांवों के ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।
कटान पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा
उपजिलाधिकारी रामजीत मौर्य ने बताया कि बाढ़ और कटान प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है। राजस्व कर्मियों की मदद से कटान पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करायी जा रही है। सभी को मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी। नदी का जलस्तर कम होने से बाढ़ की स्थिति नहीं है। हालांकि कटान जारी है। जिसेे रोकने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।