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आंधी और बारिश से 14 घंटे बिजली ठप

Mon, 03 Jun 2019 11:16 PM IST
Praveen Singh amarujala Bureau/Bahraich
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जिले में रविवार की रात आई आंधी व पानी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई। तेज आंधी के साथ हुई बारिश से कई जगह बिजली के पोल और पेड़ धराशायी हो गए। इससे करीब 12 बजे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे 40 लाख आबादी प्रभावित हुई। शहर में तो दोपहर बाद करीब ढाई बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई, लेकिन ग्रामीण अंचलों में देर शाम तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। उधर, बारिश होने से गर्मी से झुलस रहे तराईवासियों को कुछ राहत मिली है। 
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जिले में रविवार की रात आई आंधी व पानी से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। तेज हवा के साथ हुई बारिश से कई स्थानों पर बिजली के पोल व पेड़ गिर गए। इससे पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी-पानी के साथ करीब 12 बजे गुल हुई बिजली सुबह तक नहीं आ सकी।

लोगों ने समझा कि मौसम बदलने से मामूली फाल्ट हुई होगी, व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। लेकिन दोपहर बाद तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। जिला मुख्यालय पर तो दोपहर ढाई बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन खुटेहना, पयागपुर, रिसिया, बौंडी, मिहींपुरवा, नवाबगंज, बलहा, नानपारा, शिवपुर, खैरीघाट, महसी, फखरपुर, कैसरगंज, हुजूरपूर क्षेत्रों में अधिकांश स्थानों पर विद्युत पोल टूटने व विद्युत तार पर पेड़ों के गिरने के चलते विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि दो सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई है। लेकिन वर्षा की यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्पन्न हुई है। 
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कतर्नियाघाट मार्ग पर गिरा पेड़ आवागमन प्रभावित 
बिछिया क्षेत्र में रात में आंधी के चलते बिछिया-निशानगाड़ा के मध्य दो स्थानों पर बीच सड़क पर पेड़ गिर गए जिससे आवागमन ठप रहा। वहीं निशानगाड़ा रेलवे स्टेशन के मध्य पेड़ गिरने से सुबह तिकुनिया से बहराइच जाने वाली ट्रेन संख्या 52254 जंगल में 20 मिनट तक खड़ी रही। सूचना मिलने पर डीएफओ के निर्देश पर पहुंचे वनकर्मियों ने रेलवे ट्रैक और सड़क से पेड़ हटाया, तब आवागमन बहाल हो सका। 

वर्षा के समय तालाब बन गया जिला अस्पताल परिसर 
रात में वर्षा के दौरान जिला अस्पताल परिसर दो घंटे के लिए तालाब बन गया। लोग घुटने भर पानी में आने-जाने को मजबूर रहे। हालांकि भोर होते-होते पानी जैसे-तैसे खिसका। तब अस्पताल कर्मियों व भर्ती रोगियों के तीमारदारों ने राहत की सांस ली। 

दोपहर बाद उमस ने किया बेहाल
रात में वर्षा के चलते सोमवार सुबह मौसम सुहावना दिखा। लेकिन तेज धूप के चलते दोपहर बाद जिले के लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर आए जायरीन को हुई। वहीं घर से निकले आम नागरिकों को भी उमस ने बेहाल किया।
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