बहराइच। तराई में शुक्रवार को तापमान 41 डिग्री पहुंच गया है। गर्म पछुवा हवा चली, जिससे झुलसन का एहसास हुआ। लोगों की मुश्किलें अधिक दिखीं। सूरज की तपिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
भीषण गर्मी से दोपहर में लोग घरों से निकलने को बचते रहे। दोपहर में गर्म हवा के थपेड़े के बीच स्कूल से लौटने वाले छात्र बेहाल दिखे।
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। तराई में गर्मी का कहर बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह से ही जिले के लोगों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ा।
दोपहर होते-होते सूरज की तपिश से लोग बेहाल हुए। गर्म पछुआ हवा से अन्य दिनों की अपेक्षा शुक्रवार को लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
सूरज की तपिश से घर से बाहर कदम रखने वालों को शुक्रवार को अधिक झुलसन का एहसास हुआ। मौसम की प्रतिकूलता लोगों की दिनचर्या पर भारी दिखी। शहर और कस्बों के साथ ही गांव में भी लोग परेशान रहे।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम विभाग के विशेषज्ञ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि तराई का पारा 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड हुआ है। न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
उन्होंने कहा कि गर्म पछुआ हवा आठ किलो मीटर प्रति घंटा के रफ्तार से चलने के कारण लोगों को परेशानी हुई है। उन्होने बताया कि तापमान में अभी नरमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
आंधी और बदली के मिल रहे संकेत
वैज्ञानिक डा. एमवी सिंह ने बताया कि तराई में बढ़ रही गर्मी और उमस के चलते किसानों को सजग रहने की जरूरत है। खेतों की नियमित सिंचाई करते रहें। कोताही न बरतें। जिससे उत्पादकता प्रभावित न हों।
गर्मी में बरते यह सावधानी
खुले में रखा या बासी भोजन न करें
धूप में निकलने पर सिर और चेहरे को कपड़े से ढक कर रखें
अपच की शिकायत होने या उबकाई आने पर डाक्टर से परामर्श लें
उल्टी दस्त और सिरदर्द को हल्के में न लें, तत्काल इलाज करें
अन्य ठंडे पेय की अपेक्षा नींबू पानी का प्रयोग अवश्य करें