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Bahraich News: बारिश से ढहे 13 मकान, छप्पर पर पेड़ गिरने से बुजुर्ग की मौत

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तेज हवा और बारिश से तराई में मुसीबतों की बाढ़।
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बहराइच। लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने जिले में तबाही मचा दी है। हुजूरपुर में शनिवार देर रात छप्पर पर पेड़ गिरने से उसके नीचे सो रहे बुजुर्ग फूलचंद की मौत हो गई। वहीं अलग-अलग क्षेत्रों में 13 कच्चे मकान ढह जाने से पांच लोग घायल हो गए। कई परिवारों की गृहस्थी मलबे में दब गई और उनके सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया। कच्ची दीवार गिरने से एक बकरी की भी मौत हुई है। उधर, जलभराव और तेज हवाओं से धान की फसल खेतों में गिरकर पानी में डूब गई। हाईवे और ग्रामीण रास्तों पर पेड़ गिरने तथा सड़क के ऊपर पानी बहने से आवागमन भी प्रभावित रहा।
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हुजूरपुर के गहरी गांव निवासी फूलचंद (65) शनिवार रात छप्पर के नीचे सो रहे थे। करीब 12:30 बजे तेज हवा और बारिश के दौरान छप्पर के बगल में लगा पेड़ उसके ऊपर गिर गया। पेड़ और छप्पर के मलबे के नीचे दबकर फूलचंद की मौत हो गई। कुछ दूरी पर बने मकान में सो रहे परिजन पेड़ गिरने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मलबा हटाकर उनके शव को बाहर निकाला। थाना प्रभारी विपिन प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।

कच्चा मकान व दो घरों की दीवारें ढहीं
चरदा क्षेत्र के मजरा जमोग में मजदूर छोटकऊ का कच्चा मकान ढह गया। हादसे के समय परिवार के लोग बाहर होने के कारण बच गए, लेकिन मकान गिरने के बाद पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया। लखैया ग्राम पंचायत के संकल्पा गांव में किरन देवी और सुनीता की कच्ची दीवारें गिर गईं। एक दीवार के मलबे में दबकर बकरी की मौत हो गई।
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सोरहिया में धराशायी हुए आठ मकान, तीन घायल
बाबागंज की ग्राम पंचायत सोरहिया के मजरों में आठ कच्चे मकान ढह गए। मजरा रामगढ़ी में लल्लन का मकान गिरने से उनकी पत्नी अनारकली तथा दिनेश की पुत्रियां गांगल और पायल मलबे में दबकर घायल हो गईं। तीनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसी मजरे में दिनेश राव और आलोक यादव के कच्चे मकान भी ढह गए। वीरपुर निवासी आशीष कश्यप का कच्चा मकान भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। तहसीलदार नानपारा विकास कुमार ने बताया कि क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक की आख्या के आधार पर क्षति का आकलन कर उसे ऑनलाइन दर्ज कराया जाएगा। फसल के नुकसान का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
खेतों में पानी, धान की फसल बिछी
रिसिया क्षेत्र में तीन दिन से हो रही तेज बारिश और शुक्रवार रात से चली तेज हवा से धान की फसल खेतों में बिछ गई। कई खेतों में जलभराव से फसल पानी में डूब गई है। किसान मुंशरिफ, फखरुद्दीन, मेराज, सुरेश प्रताप, दिलशाद अहमद, राजेश तिवारी, रमेश और सलीम ने बताया कि मौसम खराब रहने से धान की फसल को और नुकसान होने की आशंका है।
हाईवे पर पेड़ गिरे, रास्ते हुए बंद
खैरीघाट थाना क्षेत्र में बेहड़ा पावर हाउस, करीम बक्स पुरवा, राजापुर, रायपुर और पिपरिया समेत कई स्थानों पर हाईवे पर पेड़ गिर गए। इससे आवागमन बाधित हुआ। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से पेड़ों को हटाकर रास्ता चालू कराया गया। तेज हवाओं से कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ टूटकर गिरने से गांवों के रास्ते प्रभावित हुए।
सड़क के ऊपर बह रहा नाले का पानी
बाबागंज-बरगदहा डामर मार्ग पर नेपाल से आने वाले नाले का पानी तेज बहाव के साथ सड़क के ऊपर से गुजर रहा है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर कम नहीं हुआ तो सड़क कटने का खतरा है। आसपास के खेतों में भी जलभराव से धान की फसल डूब गई है।
आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित, नुकसान की दें सूचना
कैसरगंज। लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए एसडीएम प्रशांत कुमार नायक के निर्देशन में तहसील प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। नियंत्रण कक्ष में कमलेश कुमार 7398022600, संतराम वर्मा 9559561024, हेमेंद्र प्रताप सिंह 9984409099, शुभम कंचन 9235579505 और नियंत्रण कक्ष अधिकारी दुर्गेश कुमार यादव 9454416040 से संपर्क किया जा सकता है। (संवाद)

तेज हवा और बारिश से तराई में मुसीबतों की बाढ़।

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