बहराइच। राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला अस्पताल में डायग्नोसिस यूनिट और सिटी स्कैन मशीन की स्थापना होगी।
डायग्नोसिस यूनिट के लिए अस्पताल के नवीन भवन की दूसरी मंजिल व सिटी स्कैन के लिए रैन बसेरे के भवन को चयनित किया गया है। इस व्यवस्था पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की टीम ने चयनित भवनों का मुआयना कर स्थापना को हरी झंडी दे दी है। राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के हॉस्पिटल प्रबंधक डॉ. हर्षित गुप्ता ने बताया कि कोशिश है कि मई तक डायग्नोसिस यूनिट और सिटी स्कैन मशीन की स्थापना कर रोगियों को सुविधाएं मुहैया करा दी जाए।
जिससे उन्हें लखनऊ का चक्कर न लगाना पड़े। जिला अस्पताल को हाल ही में राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। लेकिन अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध नहीं है।
अब मेडिकल कॉलेज के मानकों के अनुरूप अस्पताल में डायग्नोसिस यूनिट की स्थापना होगी। अत्याधुनिक सिटी स्कैन मशीन भी स्थापित की जाएगी।
डॉ. हर्षित गुप्ता ने बताया कि चिकित्सालय में निर्मित नवीन भवन की दूसरी मंजिल के भवन को डायग्नोसिस यूनिट स्थापना के लिए चयनित किया गया है।
यहां पर सभी प्रकार की जांचों की अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी। सिटी स्कैन मशीन की स्थापना के लिए अस्पताल भवन के ठीक सामने स्थित रैन बसेरा भवन को चयनित किया गया है।
सिटी स्कैन स्थापना के अनुरूप भवन की मरम्मत का कार्य भी करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि डायग्नोसिस यूनिट और सिटी स्कैन मशीन की स्थापना पर लगभग 12 करोड़ खर्च होंगे। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
हाल ही में एमसीआई की टीम ने अस्पताल का मुआयना कर चयनित भवनों की भी स्थिति जांची। समीक्षा के बाद टीम ने चयनित स्थानों में मशीनों की स्थापना को हरी झंडी दी है।
रोगियों को नहीं खर्च करने होंगे अधिक पैसे
जिला अस्पताल पहुंचने वाले गंभीर रोगियों को अभी सिटी स्कैन कराने के लिए निजी लैब की ओर रुख करना पड़ता है। वहां पर मरीजों से सिटी स्कैन के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।
प्रबंधक डॉ. हर्षित ने कहा कि जिला अस्पताल में मशीन की स्थापना होने के बाद रोगियों की जेब कटने से बचेगी। जरूरत के मुताबिक तत्काल परीक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी।
लखनऊ से आएंगी मशीनें
अस्पताल में डायग्नोसिस यूनिट के लिए उपकरण औैर सिटी स्कैन मशीन लखनऊ से आएगी। कोशिश है कि मई माह के अंत तक डायग्नोसिस यूनिट काम करना शुरू कर दे।
-डॉ. डीके सिंह, सीएमएस
कर्मचारियों की होगी तैनाती
डायग्नोसिस यूनिट और सिटी स्कैन के संचालन के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की जरूरत है। प्रस्ताव भेजा गया है। यूनिट और मशीन की स्थापना के साथ ही कर्मचारी भी अस्पताल को मिल जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व प्रोफेसर समेत 32 कर्मचारियों की पूर्व में तैनाती हुई है। अन्य कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. हर्षित गुप्ता, अस्पताल प्रबंधक