बहराइच। पयागपुर में वर्ष 2015 में हुई विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि सास, ससुर, जेठ और जेठानी को 10-10 साल की सजा से दंडित किया है।
दीवानी कचेहरी के डीजीसी क्रिमनल संत प्रताप सिंह ने बताया कि गोंडा जिले के इटियाथोक बाजार निवासी राम किशोर जायसवाल ने अपी पुत्री सुमन का विवाह पयागपुर के भूपगंज बाजार निवासी धवल जायसवाल के साथ किया था।
राम किशोर ने 12 जून को पयागपुर थाने में तहरीर देकर दहेज के लिए अपनी बेटी सुमन की हत्या करने का आरोप उसके ससुरालीजनों पर लगाया था। इस मामले में पति धवल जायसवाल, जेठ संजय, जेठानी अंशी जायसवाल, सास विमला और ससुर रामरंग के खिलाफ पयागपुर थाने में दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश नंद प्रतोप ओझा ने पति धवल जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा और जेठ, जेठानी, सास, ससुर को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनायी।
सभी को 40-40 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर सभी को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।