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खेत में जला देंगे गन्ना, पर ऐरा चीनी मिल को नहीं देंगे

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उर्रा (बहराइच)। लखीमपुर की ऐरा चीनी मिल पर किसानों का करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये बकाया है। किसानों को इस बार भी ऐरा चीनी मिल को गन्ना भेजना है।
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किसानों का आक्रोश देखते हुए ऐरा चीनी मिल के अधिकारी शनिवार को धर्मपुर सेमरी तौल केंद्र पर पहुंचे। वहां किसानों के साथ बैठक की। किसानों ने अधिकारियों के सामने बकाया भुगतान समेत अन्य समस्याएं रखीं।

लेकिन अधिकारियों ने बजट न आने के कारण भुगतान में असमर्थता जताई। इससे किसान भड़क गए। सभी ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

कहा, अब वे खेत में ही गन्ने की फसल को जला देंगे पर लखीमपुर स्थित प्राइवेट चीनी मिल को गन्ना नहीं देंगे। मिहींपुरवा विकासखंड के पांच तौल केंद्रों को इस बार लखीमपुर के ऐरा चीनी मिल को स्थानांतरित कर दिया गया है।
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जबकि ऐरा चीनी मिल में सिर्फ दो केंद्रों के किसानों का ही अभी तक 8.5 करोड़ रुपये पिछले सत्र का बकाया है। इससे किसान आंदोलित हैं।

शनिवार ऐरा चीनी मिल के सीसीओ चौधरी मलिक, इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह व तौल बाबू पहुंचे। सभी ने गन्ना किसानों के साथ बैठक करते हुए गन्ने को कांटा पर भेजने की बात कही।

इस पर किसानों ने पर्ची न मिलने, पिछला बकाया बाकी होने और कांटा पर किसी चौकीदार की तैनाती न होने की बात रखी। इस पर अधिकारियों ने मामले में कुछ और समय लगने की बात कही।

इससे किसान भड़क गए। सभी ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे किसान सीताराम, लक्ष्मीनरायन, ओमबाबू, विकास जायसवाल, पूर्व प्रधान श्रीनिवास, भोला यादव, रामजुगुल, कमलेश आदि ने कहा कि बिना चौकीदार के उनके गन्ने को कौन बचाएगा।

सभी ने कहा कि ऐरा चीनी मिल प्राइवेट है। वहां पर अभी पिछला बकाया है। ऐसे में वे किसी भी हालत में ऐरा चीनी मिल को गन्ना नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो खेतों में ही गन्ना जला देंगे। प्रदर्शन के बाद सभी ने डीएम व जिला गन्ना अधिकारी को पत्र भेजा।

... सुबह इंचार्ज आएंगे और शाम को चले जाएंगे
धर्मपुर सेमरी तौल केंद्र पर पहुंचे ऐरा चीनी मिल के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने किसानों से कहा कि कांटा इंचार्ज प्रतिदिन सुबह आएंगे और शाम को चले जाएंगे।
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यह बात सुनकर किसान भड़क गए। सभी ने कहा कि 40 किलोमीटर की दूरी पर चीनी मिल है। ऐसे में प्रतिदिन इंचार्ज कैसे समय से आ सकते हैं।

अभी तक नहीं मिली पर्ची
किसान सीताराम व लक्ष्मीनरायन ने कहा कि तौल कांटा पर हैंडपंप लगा है और न ही किसानों के बैठने की व्यवस्था की गई है। अभी तक पर्चियां भी नहीं बांटी गई है। इसकी शिकायत गन्ना मंत्री से की जाएगी।
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