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11 बेड पर सोते हैं 120 मूक बधिर बच्चे

Sat, 14 May 2016 09:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बहराइच के पुलिस लाइन में स्थित एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप के इसी कमरे में हैं 11 बेड, जिस पर 120 बच्चे सोते हैं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बहराइच। पुलिस लाइन स्थित आवासीय एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप के मूक बधिर बच्चों के साथ संवेदनहीनता की हदें पार की जा रही हैं। तेज गर्मी व उमस के बीच महज 11 बिस्तरों पर 120 बच्चों को बेतरतीब ढंग से सुलाया जा रहा हैै।
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इसका खुलासा अमर उजाला की पड़ताल से हुआ है। शौचालयों से तेज बदबू उठ रही है। साफ-सफाई के अभाव में बच्चों में चर्म रोग फैल गया है। शनिवार सुबह 15 बीमार बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चर्म रोग विशेषज्ञ ने सभी की जांच कर दवाएं दीं।

मूक-बधिर बच्चों के कौशल विकास के लिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत पुलिस लाइन परिसर में एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप संचालित है। यहां 60-60 बच्चों को दो आवासीय कैंप चलाए जाते हैं। कैंप में बच्चों की कक्षाओं व उनके रहने-खाने की संपूर्ण व्यवस्था है।
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संक्रमण फैलने की सूचना पर शनिवार शाम अमर उजाला ने कैंप का जायजा लिया तो दावों की पोल खुल गई। बच्चों के सापेक्ष यहां सुविधाएं न के बराबर है। कैंप में बच्चों के रहने के लिए 11 तख्त बिछाए गए हैं, जबकि इन पर 120 बच्चे सोते हैं।

एक बेड पर औसतन करीब 10 बच्चों को सुलाया जा रहा है। गंदे कपड़ों में मिले बच्चे परिसर में धमा चौकड़ी करते नजर आए। कक्षाओं के पीछे शौचालय बने हैं लेकिन यहां सफाई का अभाव है। ओवर हेडटैंक का ढक्कन ठीक से बंद न होने से उठ रही बदबू संक्रमण फैला रही है। 

कक्षाओं का हाल भी बदहाल है। यहां सुबह आठ बजे से 12 बजे तक कक्षाओं के संचालन का प्रावधान है लेकिन कक्षाओं में कर्मचारियों ने अपने सोने के लिए चारपाई बिछा रखी है। कक्षाओं में कपड़े फैलाने के लिए तार बिछा रखे हैं। मेजों को जोड़कर कपड़ा प्रेस किया जा रहा है। हालांकि, रसोई में साफ-सफाई दिखी।

ये हुए बीमार

जब एक ही बिस्तर पर 10 लोग सोएंगे तो पसीने से संक्रमण फैलना लाजमी है। बीमार होने वालों में इंद्रेश (9), अंजलि (10), सरस्वती (11), यश (9), उस्मान (10), सुंदरी (9), दिशा (9), संजय (11), नीरज (12) समेत 15 बच्चों के शरीर पर दाने निकल आए हैं। शरीर में खुजली बढ़ गई है। 

बच्चों के शरीर पर निकले हैं दाने

जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश जिंदल का कहना है कि सफाई के अभाव में बच्चों के शरीर पर दाने निकले हैं। छुआछूत के कारण कैंप के अन्य बच्चे भी इस बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। 

सफाई पर देते विशेष ध्यान

कैंप के जिला समन्वयक प्रदीप पांडेय का कहना है कि बच्चों व परिसर की साफ-सफाई के प्रति विशेष ध्यान दिया जाता है लेकिन गर्मी के कारण कुछ बच्चों के शरीर पर घमौरी निकल आई है। उनका उपचार कराया जा रहा है। साथ ही केयर टेकरों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।
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