फखरपुर। बीफ बेचने का लाइसेंस दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 1.19 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर फखरपुर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी गोंडा और लखनऊ के निवासी बताए जा रहे हैं।
वजीरगंज सराय जगना निवासी जसीम अहमद ने रविवार शाम थाना फखरपुर पहुंचकर पुलिस को अपने साथ हुई ठगी की सूचना दी। पीड़ित ने तहरीर के जरिये कहा कि आरोपियों ने बीफ बेचने का लाइसेंस दिलाने और सरकारी कागज तैयार कराने का भरोसा दिलाकर उनसे कई किस्तों में रुपये ले लिए।
पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपये नकद लिए। इसके बाद फोन-पे के माध्यम से 52,001 रुपये और 17,001 रुपये ट्रांसफर कराए। इस तरह कुल 1,19,002 रुपये ले लिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद भी कई दिनों तक लाइसेंस नहीं दिलाया गया। जब जसीम अहमद ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान-माल की धमकी दी।
प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों में गोंडा जिले के परसपुर डेहरास, गजराजपुरवा निवासी धनंजय सिंह और अजय सिंह तथा ग्राम अख्तियारापुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपर्णा सिंह व फखरपुर निवासी प्रीती कुमार शामिल हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दो आरोपी अजय और धनंजय वर्तमान में लखनऊ के चिनहट में रह रहे हैं।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अजीत त्रिपाठी को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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दो महिलाओं के माध्यम से किया था लेनदेन
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक पीड़ित ने पूछताछ के दौरान बताया कि दोनों महिलाओं के माध्यम से धनंजय और अजय ने रुपये का लेनदेन किया था।
ठगी से ऐसे बचें
- किसी भी लाइसेंस या सरकारी काम के लिए केवल अधिकृत कार्यालय या पोर्टल के माध्यम से ही आवेदन करें।
- अनजान लोगों के झांसे में आकर नकद या ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर न करें।
- किसी भी प्रक्रिया से पहले सरकारी फीस और नियमों की जानकारी संबंधित विभाग से जरूर लें।
- लाइसेंस दिलाने का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान और अधिकार की पुष्टि करें।
- संदिग्ध स्थिति होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचना दें।
- बिना रसीद या लिखित प्रमाण के कोई भुगतान न करें।