बिछिया (बहराइच)। नेपाल से 10 हजार रुपये में खरीदकर एक बालिका को दो तस्कर मुंबई ले जा रहे थे। सीमा पार करते समय कतर्नियाघाट चौकी पर दोनों तस्करों को पकड़ लिया गया।
पूछताछ में मानव तस्करी की पुष्टि होने के बाद एसएसबी के जवानों ने नेपाल पुलिस के अधिकारियों को बुलवाकर बालिका को उनके सुपुर्द कर दिया है। दोनों तस्करों को भी सौंप दिया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी थम नहीं रही। मंगलवार सुबह एसएसबी 70वीं वाहिनी के जवान कतर्नियाघाट सीमा चौकी संख्या 82 के पास गश्त कर रहे थे।
तभी नेपाल की ओर से एक 12 वर्षीय बालिका के साथ दो युवक भारतीय सीमा में प्रवेश करते दिखे। बार्डर आउटपोस्ट के निरीक्षक सभाजीत कुमार व संदीप सिंह ने बताया कि घेराबंदी कर दोनों युवकों को रोका गया।
युवकों व बालिका से अलग-अलग पूछताछ की गई। इसमें पता चला कि बालिका नेपाल के दांग जिले के श्रीगांव क्षेत्र की निवासी है। उसे दोनों युवकों ने 10 हजार में खरीदा है।
युवकों की पहचान सचिन (28) व भैरव बादी (40) निवासी दांग के रूप में हुई है। इंस्पेक्टर सभाजीत ने कहा कि मानव तस्करों ने बताया है कि वह सभी बालिका को मुंबई ले जाकर बेचने की फिराक में थे।
पूछताछ में मानव तस्करी की पुष्टि होने के बाद नेपाल के धनौरा चौकी के एएसआई खुशीराम व मानव तस्करी रोधी संस्था सनाहत हारू की बार्डर गार्ड सरिता और उजली चौधरी के सुपुर्द कर दिया गया है।
थम नहीं रही मानव तस्कर की घटनाएं
सीमा पर मानव तस्करी की घटनाएं थम नहीं रही हैं। बीते सप्ताह सोमवार को बार्डर आउटपोस्ट बर्दिया पर नेपाल से तस्करी कर लायी जा रही तीन किशोरियों को एसएसबी के जवानों ने पकड़कर नेपाल पुलिस को सौंपा था।
इसके पूर्व बिछिया बस अड्डे से एक किशोरी को बरामद किया गया था। नेपाली किशोरी को मुंबई ले जा रहे थे।