संक्रामक रोगों से पीड़ित 10 और मरीज भर्ती, दो की हालत नाजुक
बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच मासूमों की मौत का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती बुखार और बर्थ एक्सपीसिया से पीड़ित दो मासूमों की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें एक मासूम बलरामपुर के ललिया का निवासी है। वहीं विभिन्न संक्रामक रोगों से पीड़ित और 10 रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत नाजुक है।
तराई में मौसम परिवर्तन के साथ विभिन्न रोगों से मासूमों की मौत थम नहीं रही है। जरवलरोड निवासी बाबू (एक) पुत्र अरविंद सिंह को बुधवार की सुबह तेज बुखार के साथ सांस लेेने में तकलीफ हुई। इस पर परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल के पीआईसीयू में पहुंचाकर भर्ती कराया। यहां पर इलाज के दौरान मासूम की सांसें थम र्गइं।
वहीं बलरामपुर जिले के ललिया निवासी सोनू यादव की पत्नी नीलम ने अस्पताल में बुधवार की सुबह बेटे को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद उसके शरीर का तापमान बढ़ गया। सांस लेने में भी काफी दिक्कत होने लगी। इस पर डॉक्टरों ने बहराइच के पीआईसीयू वार्ड रेफर कर दिया।
यहां पर भर्ती कर मासूम का इलाज शुरू हुआ तो बर्थ एक्सपीसिया की पुष्टि हुई। इलाज के दौरान उसकी सांस काफी तेज चलने लगी, दोपहर बाद मासूम ने दम तोड़ दिया। वहीं बुखार, डायरिया और अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 10 रोगी भर्ती हुए हैं।
इनमें प्रदीप (एक) और रामू (3) की हालत नाजुक बताई जा रही है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि तराई का मौसम तेजी से बदल रहा है। ऐसे में अभिभावक नन्हें-मुन्हें बच्चों के प्रति सजग रहकर उनकी जिंदगी को सहेज सकते हैं।