बहराइच। लखनऊ–बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-927) पर बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर स्थित सरयू नदी पर पुराने संजय सेतु के पास 1130 मीटर लंबा केबल-स्टेड पुल बनाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर करीब 6969 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य अक्तूबर से शुरू होकर दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बहराइच समेत आसपास के आठ जिलों की जीवनरेखा माना जाने वाला संजय सेतु जर्जर हो गया है, इसकी मरम्मत का कार्य जारी है। हालांकि नए पुल के निर्माण के बाद लोगों को राजधानी तक आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अवर अभियंता अनंत मौर्य ने बताया कि यह पुल आधुनिक केबल-स्टेड तकनीक से बनाया जाएगा। करीब 1130 मीटर लंबे इस पुल को मुख्य रूप से दो प्रमुख पिलरों (टावरों) के सहारे तैयार किया जाएगा, जबकि बीच का हिस्सा मजबूत स्टील के केबलों के सहारे टिकेगा।
छह लेन तक हो सकेगा विस्तार
अवर अभियंता ने बताया कि पुल शुरुआत में चार लेन का होगा, जिसे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इससे भारी और तेज रफ्तार यातायात भी आसानी से संचालित हो सकेगा। परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ से बहराइच का सफर काफी कम समय में पूरा हो सकेगा।
अत्याधुनिक तकनीक से होगा निर्माण
केबल-स्टेड तकनीक में सड़क को ऊंचे टावरों से जुड़े स्टील के केबल सहारा देते हैं। इस डिजाइन के कारण नदी के बीच बहुत कम पिलर बनाए जाते हैं, जिससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर न्यूनतम असर पड़ता है और पुल अधिक मजबूत व टिकाऊ बनता है।
फिलहाल पुराने पुल से ही होगा आवागमन
अवर अभियंता ने बताया कि वर्तमान में संजय सेतु के निचले हिस्से की मरम्मत का कार्य चल रहा है। पीपा पुल बनने के बाद ऊपरी हिस्से की मरम्मत शुरू की जाएगी। मरम्मत के बाद यह पुल अगले करीब दो वर्षों तक सुचारु रूप से आवागमन के लिए उपयोग में रहेगा।