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कतर्नियाघाट में बाघों की गणना का कार्य पूरा, कल से निकाले जाएंगे कैमरे

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कतर्नियाघाट में बाघों के साथ नजर आए शावक
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थर्मो सेंसर कैमरे से सात रेंजों में बाघों की हुई गणना, संख्या में इजाफे की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में कैमरा ट्रैपिंग से बाघों की गणना का कार्य पूरा हो गया है। शुक्रवार से कैमरे निकाले जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट देहरादून वन्यजीव संस्थान को भेजी जाएगी। वहां पर विशेषज्ञ बाघों की गिनती करेंगे। इसके बाद यह रिपोर्ट वन मंत्रालय को भेजी जाएगी। जहां से कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में बाघों की स्थिति को सार्वजनिक किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार कैमरे से जो चित्र मिले हैं उससे बाघों के साथ शावक भी दिखे हैं। इससे लगता है कि इनकी संख्या बढ़ी है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में बाघों की गणना की जिम्मेदारी इस बार वन विभाग स्वयं संभाल रहा था। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वन्यजीव विशेषज्ञ तकनीकी व्यवस्थाएं देख रहे थे। 551 वर्ग किलोमीटर में बाघों की गिनती के लिए इस बार सात रेंजों में एक साथ 250 थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए थे। 45 दिनों तक इन थर्मों सेंसर कैमरे में आटोमेटिक तरीके से सामने से गुजरने वाले बाघों की तस्वीरें कैद हुईं। समय-समय पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के तकनीकी व वन्यजीव विशेषज्ञों ने थर्मों सेंसर कैमरे की चिप का डाटा एकत्रित किया। अब अंतिम चरण का डाटा कैमरे से निकालने के साथ सीडी में सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद सीडी अध्ययन के लिए देहरादून वन्यजीव संस्थान भेज दी जाएगी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन ने बताया कि कैमरा ट्रैपिंग का समय पूरा होने के चलते शुक्रवार से कैमरे निकालने की शुरुआत होगी। सीडी से वन्यजीव विशेषज्ञों को बाघों की गिनती में एक से डेढ़ माह का समय लगेगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर पर्यावरण वन मंत्रालय भेजी जाएगी। वहां से इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।
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प्रथम चरण में दिखाई पड़े उत्साहजनक परिणाम
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजनाधिकारी दबीर हसन ने कहा कि प्रथम चरण में हर तीसरे दिन आटोमेटिक कैमरों से जो तस्वीरें कंप्यूटर में संकलित की गई हैं, उनमें अलग-अलग धारियों वाले बाघ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे लग रहा है कि बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। कई स्थानों पर बाघिन शावकों के साथ भी दिखी है। सुचारू तरीके से रिपोर्ट का खुलासा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की ओर से ही किया जाएगा।

धारियों से होती बाघ की गिनती
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी के डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि प्रत्येक बाघ की धारियां अलग-अलग होती हैं। इन धारियों के द्वारा हर बाघ की गिनती होती है। इस बार कैमरा ट्रैपिंग से जो चित्र मिले हैं, उनमें कई बाघों के साथ शावक भी दिखे हैं। इससे लग रहा है कि बाघों की संख्या बढ़ी है।
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आज से बंद हो जाएगा कतर्नियाघाट
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में गुरुवार से पर्यटकों का प्रवेश नहीं होगा। इसके लिए वन विभाग ने घोषणा कर दी है। वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह ने बताया कि सिर्फ क्रोकोडायल सेंटर तक ही पर्यटक जा सकेंगे। इसके अलावा मोतीपुर गेस्ट हाउस और थारूहट में ठहर सकेंगे। बुकिंग आनलाइन ही करानी पड़ेगी।
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