फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bahraich News: बहराइच में हर दिन 11 लोग हो रहे साइबर ठगी के शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। जिले में साइबर अपराध अब संगठित गिरोहों का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। हालात ऐसे हैं कि जिले में औसतन हर दिन 11 लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। पिछले छह माह में साइबर ठग लोगों के खातों से करीब चार करोड़ रुपये पार कर चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि करीब दो हजार शिकायतों के बावजूद पुलिस अब तक केवल 50 पीड़ितों की ही रकम वापस करा सकी है। आंकड़े बताते हैं कि जागरूकता अभियान चलने के बावजूद साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडे लोगों पर भारी पड़ रहे हैं।
विज्ञापन


साइबर थाने के आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी से 15 जून 2026 के बीच जिले में लगभग दो हजार साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुईं। यानी छह माह में औसतन हर दिन 11 से अधिक लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसते रहे। इन मामलों में ठगों ने ऑनलाइन लॉटरी, शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच, फर्जी केवाईसी अपडेट, मोबाइल अपडेट, ओटीपी, संदिग्ध लिंक और फर्जी एप डाउनलोड कराने जैसे तरीकों से लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाया।

साइबर पुलिस के अनुसार सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, शिक्षक, युवा और ऑनलाइन बैंकिंग का अधिक इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे अधिक ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं, जिससे सतर्क लोग भी उनके झांसे में आ जा रहे हैं।
विज्ञापन


कुछ ही मिनटों में दो किस्तों में उड़ाए 70 हजार
कोतवाली देहात के धरसवां निवासी निजी शिक्षक रामचंद्र त्रिपाठी के मोबाइल पर दो अप्रैल को एक लिंक आया। जिज्ञासावश उन्होंने उस पर क्लिक कर दिया। लिंक खुलते ही पहले उनके खाते से 50 हजार रुपये निकल गए। जब तक वह शिकायत की तैयारी करते, कुछ ही मिनट बाद 20 हजार रुपये और निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि इस घटना ने उन्हें सिखाया कि किसी भी अनजान लिंक पर कभी क्लिक नहीं करना चाहिए।


सबसे ज्यादा इन तरीकों से हो रही ठगी
-ओटीपी साझा कराने के नाम पर
-फर्जी केवाईसी अपडेट
-मोबाइल अपडेट का झांसा
-शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच
-ऑनलाइन लॉटरी और गिफ्ट ऑफर
-फर्जी लिंक और एप डाउनलोड कराकर


ठगी के बाद पहले 24 घंटे हैं सबसे अहम

-तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
-राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
-संबंधित बैंक को तत्काल खाते को फ्रीज करने की सूचना दें।
-ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और बैंक विवरण सुरक्षित रखें।
-जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।

ये जानकारी कभी साझा न करें
ओटीपी
यूपीआई पिन
एटीएम/डेबिट कार्ड का सीवीवी
नेट बैंकिंग पासवर्ड
बैंक खाते की गोपनीय जानकारी
अनजान लिंक पर क्लिक कर मोबाइल की अनुमति

साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा करें। ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने पर रकम होल्ड या वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
विश्वजीत श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक, बहराइच

पिछले साल ठगी की 395 घटनाएं
बहराइच में वर्ष 2025 में साइबर थाने में 25 और जिले के अन्य थानों में 370 साइबर ठगी के मुकदमे दर्ज हुए। इसके अलावा 400 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 22 पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस भी कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने 20 अप्रैल 2025 को लोन और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप और 10 चेकबुक बरामद की गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें